Cumin: आवक बढ़ने से जीरा की कीमतों में फिलहाल तेजी की संभावना नहीं

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नई दिल्ली। Cumin Price: चालू वित्त वर्ष के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद गुजरात की मंडियों में नए जीरे की आवक गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में अधिक हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 फरवरी 2025 को गुजरात की ऊंझा मंडी में नए जीरे की आवक 1800 बोरी, राजकोट 500 बोरी एवं गोंडल 1000 बोरी की हो रही थी।

जबकि जसदन 1800 बोरी, बोटाद 650 बोरी की थी। जबकि वर्तमान में ऊंझा मंडी में नए जीरे की आवक 5000/6000 बोरी, राजकोट 1700/1800 बोरी, गोंडल 2300/2400 बोरी की चल रही है। अन्य मंडियों में भी आवक गत वर्ष की तुलना ने अधिक हो रही है।

उत्पाकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण दूसरे वर्ष भी देश में जीरे की बिजाई कम क्षेत्रफल पर की गई है। प्राप्त जानकारी के गुजरात में इस वर्ष जीरा बिजाई का क्षेत्रफल 4.08 लाख हेक्टेयर का रहा जबकि गत वर्ष बिजाई 4.76 लाख हेक्टेयर पर की गई थी।

इसके अलावा राजस्थान में भी बिजाई गत वर्ष की तुलना में 15/20 प्रतिशत कम रहने के समाचार मिल रहे है। गत वर्ष देश में जीरे की कुल बिजाई 11.71 लाख हेक्टेयर पर हुई थी। जबकि वर्ष 2024 के लिए बिजाई का क्षेत्रफल 12.64 लाख हेक्टेयर का रहा था।

जानकारों का कहना है कि जीरा की वर्तमान कीमतों में हाल-फिलहाल तेजी की संभावना नहीं है। क्योंकि गुजरात के अलावा आगामी दिनों में राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की आवक शुरू हो जाएगी। लेकिन पैदावार कम रहने के कारण भावों में अधिक मन्दा संभव नहीं है।

वर्तमान में गुजरात की मंडियों में जीरे के भाव 190/230 रुपए प्रति किलो बोले जा रहे हैं। जबकि निर्यात का भाव 4525/4550 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि हालांकि गुजरात में जीरा फसल की स्थिति अच्छी है लेकिन हाल ही में राजस्थान में हुई बारिश से जीरा फसल को 5/10 प्रतिशत का नुकसान होने के समाचार मिल रहे हैं।

बिजाई कम होने के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल नहीं है हालांकि राजस्थान की जोधपुर मंडी में चालू सप्ताह के दौरान 10 बोरी नए जीरे का श्री गणेश हुआ है और नए मालों का व्यापार 261 रुपए पर होते सुना गया है।

होली के पश्चात राजस्थान की अन्य मंडियों नागौर, मेडता, नौखा आदि में भी नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी। जिस कारण अभी जीरा के भाव 4/5 रुपए प्रति किलो तेजी के बीच बने रहेंगे।

उत्पादन
उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई एवं बिजाई के पश्चात राजस्थान में प्रतिकूल मौसम के चलते दूसरे वर्ष भी देश में जीरा उत्पादन कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन 80/82 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 90/92 लाख बोरी एवं वर्ष 2024 में 1/1.10 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का उत्पादन माना गया था।

जीरा का निर्यात
चीन एवं बांग्ला देश की खरीद कम रहने के कारण चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम 9 माह में जीरा का निर्यात 11 प्रतिशत कम रहा जबकि भाव कम होने के कारण आय में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल- नवम्बर- 2025 के दौरान जीरा का निर्यात 142217 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 3297.29 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर- 2024 में जीरा का निर्यात 159201 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 4382.14 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरा का कुल निर्यात 229881.67 टन का हुआ था और प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की रही थी।