32 देशों ने सर्वसम्मति से 400 मिलियन बैरल तेल रिलीज करने का फैसला किया
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने कहा कि उसके 32 सदस्यों ने सर्वसम्मति से 400 मिलियन बैरल कच्चा तेल रिलीज करने का फैसला किया है। यह आईईए के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ऑयल रिलीज है।
इससे पहले साल 2022 में यूक्रेन युद्ध के दौरान 182 मिलियन बैरल तेल रिलीज किया गया था। इन देशों के पास अभी 1.2 अरब बैरल कच्चे तेल का रिजर्व है। कच्चा तेल सोमवार को 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था जो 4 साल में इसका उच्चतम स्तर है। आईईए के फैसले से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आने की उम्मीद है।
आईईए के सदस्य देशों की बैठक में मंगलवार को इस बारे में प्रस्ताव रखा गया था और बुधवार को इस पर वोटिंग हुई। इसमें अगर एक भी सदस्य वीटो कर देता तो यह प्रस्ताव गिर जाता। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सभी 32 देशों ने सर्वसम्मति से 400 मिलियन बैरल तेल रिलीज करने का फैसला किया। आईईए का हेडक्वार्टर फ्रांस की राजधानी पेरिस में है।
इससे पहले जर्मनी की इकॉनमी मिनिस्टर कैथरीना रीश ने भी कहा था कि उनका देश इस रिलीज में हिस्सा लेगा। इसमें सबसे ज्यादा योगदान अमेरिका और जापान का होगा। ईयू के एक राजनयिक ने कहा कि इस रिलीज में सबसे ज्यादा दबाव अमेरिका का था। जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल में गिरावट इस बात पर निर्भर करेगी कि कितनी जल्दी तेल रिलीज किया जाता है।
अभी रोजाना 20 मिलियन बैरल की सप्लाई बाधित हुई है जबकि आईईए एक महीने में 100 मिलियन बैरल तेल रिलीज करेगा। इस तरह एजेंसी के सदस्य देश रोजाना कुल 3.3 मिलियन बैरल रिलीज करेंगे। इस बीच कच्चे तेल की कीमत में एक दिन की गिरावट के बाद आज फिर तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 4.58 फीसदी तेजी के साथ 91.82 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव 4.73 फीसदी तेजी के साथ 87.40 डॉलर प्रति बैरल पर है।

