Crude Oil: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान में तकरार बढ़ने से कच्चा तेल उछला

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नई दिल्ली। Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में सीजफायर से बुधवार को कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इसमें तेजी दिख रही है। इसकी वजह यह है कि पश्चिम एशिया से तेल की सप्लाई को लेकर अब भी चिंताएं बनी हुई हैं।

ईरान का कहना है कि वह होर्मुज स्टेट से रोजाना केवल 12 जहाजों को गुजरने देगा और उनसे टोल वसूलेगा। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अमेरिका इसे पूरी तरह खोलने और टोल फ्री बनाने की बात कर रहा है जबकि ईरान इस पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता है। इसी कारण आज फिर तेल की कीमत में तेजी आई है।

ब्रेंट क्रूड 2.86 फीसदी की तेजी के साथ 97.46 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकन बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3.56 फीसदी तेजी के साथ 97.77 डॉलर पर पहुंच गया।

दोनों बेंचमार्क की कीमत पिछले सत्र में 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई थी। डब्ल्यूटीआई में तो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। सीजफायर के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद जगी थी।

सबसे बड़ा तेल संकट
लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से बुधवार को केवल 4 जहाज गुजरे। इससे निवेशकों की हताशा बढ़ गई है और कच्चा तेल एक फिर उछलने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट की ग्लोबल ऑयल सप्लाई में करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी है। यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। इराक, सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देश इसी रास्ते अपना तेल भेजते हैं। इसके बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर था।