नई दिल्ली। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई की दर (Inflation Rate) बढ़ गई है। महंगाई की दर बढ़कर 2.75% हो गई है। यह नया आंकड़ा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) की नई सीरीज के आधार पर तैयार पहली रिपोर्ट है। इसमें 2024 को आधार वर्ष (Base year) माना गया है। इस महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई 2.73% और शहरी इलाकों में 2.77% रही।
जनवरी में भले ही खुदरा महंगाई ( Retail Inflation ) की दर बढ़ गई हो, लेकिन यह अच्छी बात है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लक्ष्य से नीचे है। रिजर्व बैंक ने इस अवधि के लिए 4% का मध्यम-अवधि का लक्ष्य तय किया है।
RBI का लक्ष्य 2% से 6% के बीच महंगाई बनाए रखना है। नई CPI सीरीज के तहत, महंगाई लगातार 12 महीनों से RBI के लक्ष्य के अंदर बनी हुई है। पिछले साल के अंतिम महीने यानी दिसंबर 2025 में, पुरानी 2012-आधारित सीरीज के अनुसार, खुदरा महंगाई सिर्फ 1.33% थी।
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स या CPI की गणना के लिए अब आधार वर्ष (Base Year) बदल कर साल 2012 की जगह साल 2024 कर दिया गया है। इसमें लोगों की खर्च करने की आदतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कंजप्शन बास्केट (Consumption Basket) को भी बदला गया है। इस बदलाव का मकसद अर्थव्यवस्था में कीमतों के रुझान को और सटीक तरीके से मापना है। यह बदलाव केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने किया है।
जीडीपी के लिए भी बदलेंगे बेस ईयर
MoSPI ने अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) के लिए भी आधार वर्ष अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव है कि ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) और इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के लिए आधार वर्ष 2022-23 कर दिया जाए। ये दोनों ही संकेत RBI के लिए मौद्रिक नीति (Monetary Policy) तय करते समय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

