Coriander: धनिया का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से कम, भाव और बढ़ने का अनुमान

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राजकोट। गुजरात और राजस्थान में धनिया की सामान्य बिजाई हुई है जबकि उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों के पास माल का सीमित स्टॉक मौजूद है। मंडियों में आपूर्ति की स्थिति जटिल देखी जा रही है क्योंकि मजबूत होती कीमतों को देखते हुए उत्पादकों ने बिक्री की गति कुछ धीमी कर दी है ताकि दाम में और भी तेजी आ सके।

अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गुजरात में धनिया का उत्पादन क्षेत्र इस वर्ष 5 जनवरी तक 1,25,336 हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 1,29,343 हेक्टेयर से करीब 4 हजार हेक्टेयर कम तथा तीन वर्षीय औसत क्षेत्रफल 1,60,187 हेक्टेयर का 78.24 प्रतिशत है।

अनुकूल मौसम के बावजूद गुजरात में धनिया की खेती के प्रति किसानों में जबरदस्त उत्साह एवं आकर्षण नहीं देखा गया क्योंकि वर्ष 2025 की लगभग पूरी अवधि में इसका बाजार भाव एक निश्चित सीमा में स्थिर रहने से उत्पादकों को उम्मीद के अनुरूप आमदनी प्राप्त नहीं हो सकी।

बकाया स्टॉक कम रहने से हाजिर बाजार में धनिया की आपूर्ति का प्रेशर अब धीरे-धीरे घटता जा रहा है। फरवरी के अंत या मार्च के आरंभ से इसकी नए माल की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है।

स्टॉकिस्ट नीचे दाम पर अपने माल की बिक्री बढ़ाने को तैयार नहीं है। उसके पास अपना स्टॉक बेचने के लिए अभी करीब दो माह का समय है। मंडियों में अच्छी क्वालिटी की धनिया सीमित मात्रा में आ रही है जबकि खरीदारों की मांग सामान्य बनी हुई है। इसके फलस्वरूप कीमतों में मजबूती देखी जा रही है।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार जब कभी मंडियों में धनिया की अच्छी आवक होने लगती है तब खरीदारों की सक्रियता भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए इस महत्वपूर्ण मसाला के दाम में निकट भविष्य में नरमी आने की संभावना बहुत कम है। अगर जनवरी-फरवरी में मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रही अथवा किसी अन्य कारण से फसल की प्रगति में बाधा पड़ी तो बाजार को ज्यादा समर्थन मिल सकता है।