नई दिल्ली। CBSE Education Policy: सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों यानी स्टैंडर्ड और एडवांस्ड में पढ़ाया जाएगा, जिससे छात्र अपनी क्षमता के अनुसार विषय चुन सकेंगे। यह नया नियम अगले सत्र से लागू होगा और इसकी पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।
सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि 2026 से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अनिवार्य तीन-भाषा फार्मूला कक्षा 6 के लिए लागू किया जाएगा, जबकि कक्षा 9 के लिए गणित और विज्ञान में अनिवार्य मानक एवं वैकल्पिक उन्नत पाठ्यक्रमों की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू की जाएगी। कक्षा 9 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू होने से दोनों विषयों में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
अधिकारी ने कहा, नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (NCF) की सिफारिशों के अनुसार, इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए। भाषाओं को तीन चरणों-आर, आर 2 और आरउ-में एक सुव्यवस्थित तीन-भाषा ढांचे के तहत व्यवस्थित किया गया है। लेकिन अगर कोई छात्र विदेश के किसी स्कूल से पढ़कर आया है और उसने वहां कक्षा 8 या 9 तक जो तीसरी भाषा पड़ी थी, वह भारत के स्कूलों में उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे खास मामलों में उसे निर्धारित मानदंडों के अनुसार छूट दी जा सकती है। एजेंसी
मानक परीक्षा अनिवार्य उन्नत वैकल्पिक
गणित और विज्ञान को दी स्तरीय प्रणाली पर अधिकारी ने कहा, सभी छात्र मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे और तीन घंटे की 80 अंकों की एक समान परीक्षा में शामिल होंगे। उच्च दक्षता का विकल्प चुनने वाले छात्र दोनों विषयों में किसी एक या दोनों में एक अतिरिक्त उन्नत स्तर का चयन कर सकते हैं।

