नई दिल्ली। Black Cardamom: पिछले कुछ दिनों से बड़ी (काली) इलायची के दाम में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है और जानकारों का मानना है कि उत्पादक क्षेत्रों में अगली नई फसल की जोरदार आपूर्ति शुरू होने तक कीमतों में मजबूती बरकरार रह सकती है।
बड़ी इलायची का उत्पादन मुख्यतः सिक्किम, मेघालय एवं आसाम में होता है जबकि अरुणाचल प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भी इसका थोड़ा-बहुत उत्पादन होता है।व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक कुछ सटोरिए जान बूझकर इस बार बड़ी इलायची के उत्पादन में भारी गिरावट आने की अफवाह फैलाकर बाजार को ऊपर उठाने तथा अपने स्टॉक को ऊंचे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाने का प्रयास कर रहे हैं।
स्टॉकिस्टों को बाजार की तेजी का फायदा उठाना चाहिए और अपने माल की बिक्री बढ़ानी चाहिए। अगले महीने के अंत तक बड़ी इलायची के नए माल की आवक जोर पकड़ने की संभावना है और तब कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। उस समय अच्छी मात्रा में इसकी लिवाली की जा सकती है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के उत्पादक इलाकों में इस बार मौसम एवं मानसून की हालत काफी हद तक अनुकूल रही है जिससे बड़ी इलायची की फसल संतोषजनक अवस्था में है। इसके साथ-साथ नेपाल तथा भूटान में भी फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है।
इन देशों का अधिकांश माल भारत ही खरीदता है। इसे देखते हुए आगामी महीनों में घरेलू बाजार में बड़ी इलायची की उपलब्धता एवं आपूर्ति की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। यदि उत्पादन में 5-10 प्रतिशत की गिरावट आती है तो नेपाल और भूटान से आयात बढ़ाकर उसे पूरा किया जा सकता है।
व्यापारियों को बाजार की प्रत्येक गतिविधि तथा उतार-चढ़ाव पर गहरी नजर रखने का सुझाव दिया जाता है। ऊंचे भाव पर खरीदे गए स्टॉक को उसी समय फौरन बेचने का प्रयास होना चाहिए जब बाजार में तेजी का माहौल नजर आए।
हो सकता है कि तेजी का वर्तमान माहौल कुछ समय के बाद नरमी या स्थिरता में बदल जाए क्योंकि उत्पादन में उतनी गिरावट नहीं है जिसकी अफवाह फैलाई जा रही है। नेपाल में भी दाम नरम पड़ने की संभावना है।

