Budget Reaction: कोटा विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ की स्थापना

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कोटा। राजस्थान बजट 2026-27 को लेकर शहर के प्रबुद्ध व्यक्तियों, शिक्षाविद, एवं उद्यमियों ने अपनी प्रतिक्रया व्यक्त की है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सारस्वत ने बजट प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि बजट में उच्च शिक्षा और जनजातीय अध्ययन को नई दिशा देते हुए कोटा विश्वविद्यालय में “भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ” की स्थापना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह शोधपीठ आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा के जीवन, दर्शन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के गहन अध्ययन का केंद्र बनेगी।

मानवता एवं स्वास्थ्य को समर्पित बजट: राजेश कृष्ण बिरला
कोटा नागरिक सहकारी बैंक एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने राज्य सरकार के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राजस्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने विशेष रूप से असहाय, विमंदित और लावारिस रोगियों को बिना दस्तावेज के ‘मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना’ एवं ‘निरोगी राज्य योजना’ के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा को मानवीय दृष्टिकोण से क्रांतिकारी निर्णय बताया। साथ ही ‘राज सुरक्षा’ योजना के माध्यम से एक्सीडेंट पीड़ितों को बिना कागजी प्रक्रिया के मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना आमजन के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कोटा के औद्योगिक व व्यापारिक विकास को गति देगा बजट
कोटा। करेजियस कमेटी फाउडेशन के अध्यक्ष एवं डीसीएम के पूर्व सीईओ वी के जेटली ने राज्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार के बजट में कोटा को औद्योगिक एवं व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ‘सिंगल विंडो–वन स्टॉप शॉप’ के तहत ऑनलाइन अनुमतियों की संख्या 149 तक बढ़ाने से कोटा में नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। कोटा में प्रस्तावित टॉय पार्क की स्थापना से स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे, वहीं डीएमआईसी के अंतर्गत विकसित होने वाले औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक ढांचे का लाभ भी कोटा को मिलेगा।

सरस उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोलना स्वागत योग्य
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे किसान, पशुपालक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी डेवलपमेंट फंड की राशि ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ किए जाने के निर्णय को दुग्ध उत्पादकों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही ‘सरस’ उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोले जाने से विपणन के नए अवसर सृजित होंगे।