नई दिल्ली। Black Pepper Price: हालांकि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर नई कालीमिर्च की आवक शुरू हो गई है। लेकिन इस वर्ष पैदावार में कमी आने के कारण नए मालों की आवक आशानुरूप नहीं हो रही है। इसके अलावा वर्तमान में आयात भी नहीं हो रहा है।
जबकि हाजिर में मांग अच्छी चल रही है जिस कारण से हाल ही में कालीमिर्च के भाव 10/15 रुपए प्रति किलो तेजी के साथ बोले जाने लगे हैं। सूत्रों का मानना है कि अभी बाजार में मजबूती बनी रहेगी। हो सकता 15 फरवरी के पश्चात मंडियों में आवक बढ़ने के पश्चात कीमतों में कुछ गिरावट आए लेकिन अधिक मंदे के आसार नहीं है।
व्यापारियों का कहना है कि प्रतिकूल मौसम के चलते इस वर्ष देश में कालीमिर्च का उत्पादन 55/58 हजार टन होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन का अनुमान 75/77 हजार टन का मसाला बोर्ड द्वारा लगाया गया था। उल्लेखनीय है कि मुख्यतः कालीमिर्च का उत्पादन कर्नाटक एवं केरल में होता है। तमिलनाडु एवं मेघालय में भी छिटपुट मात्रा में पैदावार होती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में कोचीन बाजार में कालीमिर्च के भाव बढ़कर 710/740 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं जबकि चिकमगलूर मंडी में भाव 710 रुपए बोला जा रहा है। ग्वालियर में कालीमिर्च का भाव 740/745 रुपए पर बोला जाने लगा है।
देश में कालीमिर्च का उत्पादन कम होने के कारण वियतनाम, श्रीलंका आदि देशों से कालीमिर्च का आयात किया जाता है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान कालीमिर्च का आयात 48085 टन का किया गया। जबकि वर्ष 2023-24 में आयात 34211 टन का रहा था। चालू सीजन 2025-26 के दौरान आयात ओर बढ़ सकता है।
चालू सीजन के शुरुआती 8 माह के दौरान कालीमिर्च के मात्रात्मक रूप में 5 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है जबकि भाव ऊंचे होने के कारण आय में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर 2025 में कालीमिर्च का निर्यात 12926 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 783.88 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर- 2024 में निर्यात 13655 टन का रहा था और प्राप्त आय 651.04 करोड़ की रही थी।

