नई दिल्ली। Axiom-4 Mission Launched: कई बार टलने के बाद आखिरकार बुधवार को स्पेसएक्स का फाल्कन 9 रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ। इस रॉकेट के साथ क्रू ड्रैगन कैप्सूल में चार अंतरिक्षयात्रियों की टीम भी सवार थी, जिनमें भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। यह मिशन ‘एक्सिओम मिशन 4’ (Ax-4) के तहत अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा (NASA) के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से भारतीय समय के अनुसार सुबह 2:31 बजे (GMT के अनुसार 6:31 बजे) लॉन्च किया गया।
भारतीय वायुसेना के 39 वर्षीय फाइटर पायलट शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट हैं। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर जाने वाली इस अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ान का हिस्सा हैं। उनके साथ तीन और अंतरिक्ष यात्री भी हैं।
शुभांशु शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने हैं जो अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं। उनसे पहले 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन के तहत अंतरिक्ष में कदम रखा था। करीब 41 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है। इस उड़ान के साथ शुभांशु 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और सपनों को लेकर अंतरिक्ष की ओर रवाना हुए हैं।
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट फाल्कन 9 के दूसरे चरण से अलग हुआ
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे पहले भारतीय बन गए हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा पर निकले हैं। यह मिशन स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया, जिसमें ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने सफलतापूर्वक दूसरे चरण से अलग होकर आगे की उड़ान भरी।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, “बधाई हो ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला — आप अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मिशन के लिए जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने हैं। यह भारत के लिए गर्व का पल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों के बाद ISRO की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां तेज़ी से बढ़ी हैं और भारत अब अंतरिक्ष खोज में अग्रणी देशों में शामिल हो गया है।
26 जून को दोपहर 4:30 बजे आईएसएस से जुड़ेगा स्पेसक्राफ्ट
स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार एक नया दल अंतरिक्ष प्रयोगशाला की ओर रवाना हो चुका है। यह यात्रा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए शुरू हुई। नासा के मुताबिक, यह स्पेसक्राफ्ट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से गुरुवार, 26 जून को भारतीय समयानुसार लगभग शाम 4:30 बजे डॉक करेगा।
इस मिशन की कमान पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस की ह्यूमन स्पेसफ्लाइट निदेशक पैगी व्हिटसन संभाल रही हैं। वहीं, इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका में हैं।
मिशन के दो अन्य विशेषज्ञों में पोलैंड के स्लावोश उज्नान्स्की-विस्निवस्की, जो यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के प्रोजेक्ट एस्ट्रोनॉट हैं, और हंगरी के टिबोर कापू शामिल हैं, जो HUNOR (Hungarian to Orbit) कार्यक्रम से जुड़े हैं।
SpaceX’s Falcon 9 ब्लॉक 5 रॉकेट की खासियत क्या है?
Elon Musk की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा विकसित फाल्कन 9 ब्लॉक 5 एक मीडियम-लिफ्ट, दो चरणों वाला लॉन्च व्हीकल है। इसे खासतौर पर इस तरह से बनाया गया है कि यह न केवल कार्गो (सामान) बल्कि इंसानों को भी अंतरिक्ष में भेज सके। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली तकनीक। इसका पहला चरण (फर्स्ट स्टेज) लॉन्च के बाद सुरक्षित रूप से धरती पर लौट आता है, जिससे मिशन की लागत और अगली उड़ान के बीच का समय काफी कम हो जाता है।

