AI लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाएगा: स्पीकर बिरला

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एआई फॉर डेमोक्रेसी’ विशेष सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संबोधन

नई दिल्ली। स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के ‘एआई फॉर डेमोक्रेसी’ विशेष सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबोधित किया।

भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार एवं इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत द्वारा विश्व को दी जा रही नई दिशा पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

अपने संबोधन में ओम बिरला ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और “सर्वजन हिताय–सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित होकर मानवता के कल्याण को केंद्र में रखकर कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि एआई शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जन-केंद्रित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटल संसद और संसद भाषिनी जैसे नवाचारों ने नागरिकों को अपनी भाषा में संसदीय चर्चाएँ सुनने और समझने की सुविधा देकर लोकतांत्रिक संवाद की पहुँच को व्यापक बनाया है।

संसद और विधानसभाओं की ऐतिहासिक चर्चाओं को एआई की सहायता से व्यवस्थित कर डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को भी मजबूत करता है।

ओम बिरला ने डीपफेक और गलत सूचना को लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि एआई का उपयोग सत्य, विश्वसनीयता और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के लिए होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा कौशल-विकास जैसे क्षेत्रों में एआई का बढ़ता उपयोग विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि तकनीक का विकास सदैव मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों के साथ समन्वय में होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, मूल्य-संस्कारों और मानवता के संदेश को विश्वभर में पहुँचाने के लिए गायत्री परिवार तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के योगदान की सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर आज विश्व के लिए अनुकरणीय मॉडल है और भारत अपने अनुभव वैश्विक समुदाय के साथ साझा करते हुए मानव-केंद्रित तकनीक के विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।