नई दिल्ली। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सांसदों के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला बुरी तरह नाराज हो गए। उन्होंने यह तक कह दिया कि अगर ऐसे ही गतिरोध पैदा करना है, तो मैं ऐसा सदन नहीं चला सकता। उन्होंने बताया है कि इस बार संसद सत्र के 19 घंटे से ज्यादा समय बगैर चर्चा के निकल गए। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने नारेबाजी को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है।
बिरला ने शुक्रवार को कहा कि 19 घंटे सदन के बर्बाद हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘…माननीय सदस्यगण मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि सदन चले। और प्रश्नकाल सभी माननीय सदस्यों का समय होता है…। आप नियोजित तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते, गतिरोध पैदा करना चाहते हैं। अभी तक 19 घंटे 13 मिनट सदन का समय बर्बाद हुआ है। 140 करोड़ जनता की अपेक्षा रहती है कि सदन चले, चर्चा हो, संवाद हो।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन आप सभागृह की मर्यादा को समाप्त कर रहे हैं। देश की जनता सदन को चलती हुई देखना चाहती है। आपसे भी यही अपेक्षा करती है। पोस्टर और नारेबाजी के लिए आपको नहीं भेजा है। आपको चर्चा के लिए भेजा है।’
स्पीकर ने कहा, ‘अगर आप सदन नहीं चलाना चाहते, नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करना चाहते हैं, सभागृह की मर्यादा को समाप्त करना चाहते हैं। तो मैं ऐसा सदन नहीं चला सकता। आप जाना चाहते हैं? चर्चा करना चाहते हैं?…।’
कार्यवाही फिर स्थगित हुई
शुक्रवार को भी विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। सदन की बैठक शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया और भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजपाल सिंह का नाम पूरक प्रश्न पूछने के लिए पुकारा।
इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सभी सदस्यों का समय होता है और आज कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का प्रश्न भी सूचीबद्ध है।
सदन में सोमवार से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को चीन से टकराव का मुद्दा नहीं उठाने देने, विपक्ष के आठ सदस्यों को आसन की अवमानना के मामले में निलंबित करने समेत कई मुद्दों पर हंगामा कर रहे हैं।

