वर्ष 2026 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.4% किया, रेपो रेट बरकरार

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नई दिल्ली। RBI Monetary Policy : रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीतिगत दरों का ऐलान कर दिया है। इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर अपरिवर्तित रखा गया है।

केंद्रीय बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक बुधवार 4 फरवरी से गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुरू हुई और आज इसमें लिए गए नीतिगत फैसलों का ऐलान हुआ।

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि पिछली बैठक के बाद से बाहरी चुनौतियां (एक्सटर्नल हेडविंड) बढ़ गई हैं। हालांकि, हाल में सफलतापूर्वक पूरे हुए ट्रेड डील आर्थिक संभावनाओं के लिए अच्छे संकेत हैं। कुल मिलाकर, उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में घरेलू मुद्रास्फीति और विकास की दृष्टि सकारात्मक बनी हुई है।

RBI ने अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली और दूसरी तिमाही के लिए ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत कर दिया है। वहीं RBI ने 2025-2026 के लिए महंगाई के अनुमान को 2% से बढ़ाकर 2.1% कर दिया है, जबकि पहले Q4 के लिए यह 3.2% रहने का अनुमान था।

रेपो रेट अपरिवर्तित रहने से, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर 5 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक दर 5.5 प्रतिशत पर जारी है।

मौद्रिक नीति समिति का यह फैसला घरेलू आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बनाता है। देश में विकास और मुद्रास्फीति के रुझान सहायक हैं, लेकिन समिति वैश्विक घटनाक्रम और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले बदलते मौद्रिक नीति संकेतों को देखते हुए सतर्क बनी हुई है।

फरवरी 2026 में, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के मौद्रिक नीति निर्णयों में स्पष्ट अंतर देखने को मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 2025 में की गई कई दर कटौतियों के बाद, अपनी लेटेक्स्ट मीटिंग में ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने का फैसला किया।

वहीं, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने दो साल में पहली बार ब्याज दर बढ़ाकर वित्तीय बाजारों को हैरान कर दिया, जिससे उसके नीतिगत रुख में बदलाव के संकेत मिलते हैं।

आरबीआई ने दोहराया है कि उसकी भविष्य की नीतिगत कार्रवाइयां आने वाले आंकड़ों और बदलते मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक से निर्देशित होती रहेंगी, जिसमें आर्थिक विकास को समर्थन देते हुए कीमत स्थिरता बनाए रखना मुख्य लक्ष्य होगा।

ब्याज दरों में 125 बेसिस पॉइंट की कटौती
बता दें कि फरवरी 2025 से अब तक ब्याज दरों में 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है। दिसंबर की मीटिंग में एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। इससे रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत हो गया था। यह फैसला दो मीटिंगों तक दरें स्थिर रखने के बाद लिया गया था। इससे पहले फरवरी से जून के बीच आरबीआई ने लगातार तीन बार दरें घटाकर रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत से 5.5 फीसदी कर दिया था।