कब्जे वाले कश्मीर में भारत के खिलाफ जेहादी एजेंडा बढ़ाने में लगा पाकिस्तान

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में इस्लामाबाद के खिलाफ लगातार गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में पीओके के अंदर विरोध प्रदर्शनों और बयानों में पाकिस्तान विरोधी भावना खुलकर सामने आई है।

पाकिस्तानी नेतृत्व ने इसे चेतावनी के तौर पर लेते हुए भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी तेज कर दी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और देश के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने हाल ही में पीओके के कई दौरे किए हैं। इस दौरान भारत के खिलाफ भाषण दिए गए जिससे इलाके को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

जनरल मुनीर ने हाल ही में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के दौर पर खुलेआम जिहाद को बढ़ावा दिया। मुनीर ने कश्मीर की जल्द आजादी की कसम खाई। उन्होंने इलाके में तैनात अधिकारियों और सैनिकों की लड़ाई की तैयारी की जानकारी ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सैन्य नेतृत्व के रुख को दोहराया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पीओके में एक सभा को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा कि भारत के पास कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि इलाके में अशांति और आतंकवाद के सबसे बड़े सप्लायर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर आक्रामक और विस्तारवादी इरादे रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में तब तक स्थायी शांति नहीं मिल सकती जब तक भारत उन चीजों को नहीं छोड़ देता।

हालांकि, पाकिस्तानी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व का भारत के खिलाफ जहर उगलना भी काम नहीं आ रहा है और पीओके में लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रही है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पीओके में कई लोगों का मानना है कि इस्लामाबाद का आक्रामक रुख इलाके की आबादी के लिए चिंता नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश है। स्थानीय लोगों में भावना है कि इस भड़काऊ बयानबाजी ने पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को सक्रिय रूप से नुकसान पहुंचाया है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों के अंदर इस्लामाबाद के अत्याचार के खिलाफ गुस्सा उबल रहा है। पिछले साल दिसम्बर में पीओके में बड़ा प्रदर्शन हुआ था, जिसमें हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान के खिलाफ जुलूस निकालकर नारेबाजी की।

पाकिस्तान की सरकार ने पीओके को लूट का अड्डा बना रखा है। इलाके में बड़े पैमाने पर बिजली पैदा होने के बावजूद यहां के लोगों को इससे दूर रखा जाता है। बड़े पैमाने पर इंटरनेट पाबंदियों लगी हुई हैं और लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां हर पर नजर रखती हैं।