नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में किसानों के लिए सरकार ने बड़े एलान किए हैं। इस बार कृषि मंत्रालय के लिए कुल ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बजट 2026 में छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा करने के लिए ध्यान केंद्रित किया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान बताया कि स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे। जबकि पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे। पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा। भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा। वहीं अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
भारत-VISTAAR कार्यक्रम की होगी शुरुआत
वित्त मंत्री ने बताया कि एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुवाई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम (SHE-Marts) शुरू किए जाएंगे।
बजट 2024-25 में किसानों के लिए क्या था
बता दें कि, बजट 2024-25 में कृषि मंत्रालय के लिए 1,32,469 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। उस समय का मुख्य ध्यान कृषि अनुसंधान के व्यापक बदलाव और 109 नई बीजों की किस्मों के परीक्षण पर था। प्राकृतिक खेती के लिए एक करोड़ किसानों को प्रशिक्षित करने की योजना भी शुरू की गई थी। 2025-26 का बजट इन पहलों को ‘धन-धान्य योजना’ जैसे बड़े मिशनों के साथ अगले स्तर पर ले गया है।

