चार नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड और मजदूर विरोधी श्रम नीतियों के खिलाफ देश के सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का अह्वान किया है। इस हड़ताल को बैंककर्मी भी अपना समर्थन दे रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों ने इस हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। मतलब कि उस दिन बैंक भी बंद रहेंगे। बीते 27 जनवरी को भी देश भर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर गए थे।

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), हिंद मजदूर सभा (HMS), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU), LPF और UTUC सहित देश के प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने इस हड़ताल का अह्वान किया है।

इसे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत किसानों के कुछ संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। इस हड़ताल का मुख्य कारण सरकार द्वारा पिछले नवंबर में लाए गए चार नए लेबर कोड हैं। इन लेबर कोड ने मौजूदा 29 श्रम कानूनों का स्थान लिया है। इसके अलावा, यह हड़ताल ‘कामकाजी वर्ग पर बढ़ते हमलों’ के विरोध में भी है

बैंक कर्मचारियों के संगठन भी जुड़े
बैंक कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) ने भी इसे समर्थन दे दिया है। इसके साथ ही बैंक अधिकारियों के संगठन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) आदि ने भी अपने सदस्यों से इस हड़ताल में शामिल होने को कहा है।

एआईबीओए के महासचिव एस. नागरंजन ने हमारे सहयोगी ईटी वेल्थ ऑनलाइन को बताया कि उनका संगठन 12 फरवरी, 2026 को होने वाली सेंट्रल ट्रेड यूनियन की हड़ताल को अपना समर्थन दे रहा है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से भी अपील की है कि वे हड़ताल वाले दिन कोई भी क्लर्क वाला काम न करें।