सेवा, सम्मान और विश्वास का प्रतीक बनेगा रामाश्रय भवन: स्पीकर बिरला

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कोटा मेडिकल कॉलेज में रामाश्रय, बीएसएल-3 लैब और फाइब्रोस्कैन की सौगात

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर में लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से रामाश्रय भवन, अत्याधुनिक बीएसएल-3 लैब और फाइब्रोस्कैन मशीन का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रामाश्रय भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, सम्मान और सेवा का सजीव प्रतीक है। लोकसभा अध्यक्ष ने 18 वर्ष पूर्व जेके लोन अस्पताल से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए कहा कि इलाज के दौरान दूर-दराज़ गांवों से आए परिजनों को अक्सर खुले आसमान के नीचे रहना पड़ता है।

गर्मी, सर्दी और बरसात में भी वे अस्पताल के आसपास इसलिए ठहरे रहते हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मरीज तक पहुंच सकें। वर्षों से देखी गई यही पीड़ा आज रामाश्रय भवन के रूप में साकार हो रही है। देश में पहली बार इस तरह के दो सर्वसुविधायुक्त रामाश्रय भवन कोटा में बनाए जा रहे हैं।

जेके लोन अस्पताल के बाद अब मेडिकल कॉलेज परिसर में 11.76 करोड़ से चार मंजिला वातानुकूलित भवन बनेगा, जिसमें 767 बेड की सुविधा होगी। यहां तीमारदारों के लिए नि:शुल्क ठहराव और भोजन के साथ डॉर्मिट्री, किचन-डाइनिंग, लिफ्ट, लॉकर तथा महिलाओं के लिए पृथक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी।

मेडिकल कॉलेज में 14 करोड़ रूपए की लागत से प्रदेश की दूसरी बीएसएल-3 लैब स्थापित की जाएगी। इससे कोरोना, निपाह, मंकीपॉक्स, वेस्ट नाइल जैसे संक्रामक रोगों की जांच और अनुसंधान कोटा में ही संभव हो सकेगा।

बिरला ने कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर में करोड़ों रुपए के विकास कार्य प्रगति पर हैं। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से कॉटेज वार्ड का निर्माण होने जा रहा है, मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल भी जल्द शुरू होगा। लीवर रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए फाइब्रोस्कैन मशीन स्थापित की गई है तथा मोबाइल हेल्थ यूनिट के माध्यम से गांव-गांव जांच अभियान चलाने की योजना है।

वहीं बीएसएल-3 लैब से गंभीर संक्रामक रोगों की जांच और शोध को नई दिशा मिलेगी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड काल में चिकित्सकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा की और कोटा में कभी ऑक्सीजन की कमी नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास कठिन समय में निभाई गई जिम्मेदारियों से बनता है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में कैंसर अस्पताल, अतिरिक्त 300 बेड का अस्पताल और अन्य चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में कोटा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो, जहां हर जरूरतमंद को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक इलाज मिल सके।

कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि कोटा ही नहीं, पूरे संभाग और आसपास के राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आते हैं। ऐसे में रामाश्रय भवन का निर्माण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रेरणा लेकर प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी रामाश्रय भवनों का निर्माण होना चाहिए, ताकि इलाज के लिए आने वाले परिजनों को राहत मिल सके।

लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति दूर-दराज़ गांवों से अपने बीमार परिजन को इलाज के लिए शहर लाता है, तो उसकी चिंता केवल बीमारी तक सीमित नहीं रहती। ठहरने, भोजन और सुरक्षा की चिंता उसे भीतर तक झकझोर देती है। इन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने रामाश्रय की कल्पना की, जो आज मूर्त रूप ले रही है।

इस अवसर पर शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, मंडल अध्यक्ष रामचंद्र नागर, अक्षय चौधरी, पन्नालाल बंजारा, मंडल प्रतिनिधि सिम्पल शर्मा, बृजमोहन गौड़, संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना, अधीक्षक डॉ. निलेश जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।