दुर्घटनाग्रस्त को तुरंत अस्पताल पहुंचा कर उपचार कराने वाले को मिलते हैं 25 हजार

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सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन

कोटा। परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत मंगलवार को लायंस क्लब कोटा टेक्नो एवं कोटा सड़क सुरक्षा समिति के संयुक्त सहयोग से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला कोटा कॉलज ऑफ़ फार्मेसी, कोटा पॉलीटेक्निक कॉलेज एवं कोटा कॉलेज ऑफ एजुकेशन,रानपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं समिति सदस्यों ने भाग लिया।

कोटा सड़क समिति के उपसचिव व लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का विषय ‘सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा’ रहा, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में मनीष कुमार शर्मा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी उपस्थित रहे।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अधिकांशतः मानवीय लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी एवं जागरूकता के अभाव के कारण होती हैं। यदि प्रत्येक नागरिक नियमों का ईमानदारी से पालन करे, तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

र्मा ने हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव, नशे में वाहन न चलाने तथा पैदल यात्रियों के अधिकारों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं सुरक्षित रहें और समाज में सड़क सुरक्षा के ब्रांड एंबेसडर बनें। उन्होंने गुड सेमेरिटन (राहवीर) स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में किसी घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचकर उपचार प्रारम्भ करवाने वाले व्यक्ति को सरकार बतौर प्रोत्साहन राशि 25000 रुपए नकद प्रदान करेगी। बतौर अतिथि जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने हेलमेट की स्ट्रिप को व सीट बेल्ट को सुरक्षित व मजबूत लगाने के गुर सिखाए।

उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते हुए एक अनदेखी व छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को खत्म कर देती हैं, जिससे एक व्यक्ति नहीं एक पीढ़ी प्रभावित होती है। कार्यक्रम में लायंस क्लब कोटा टेक्नो के सचिव सिद्धार्थ गुप्ता, कॉलेज चेयरमेन आरए गुप्ता, अध्यक्षा मधु गुप्ता, लायंस क्लब क्लब के जोन चेयरमैन एके गुप्ता, निदेशक रजनी गुप्ता, कोटा सड़क सुरक्षा समिति के अमित गुप्ता, तनु गुप्ता एवं महेंद्र माहेश्वरी ने अपने विचार व्यक्त किए।

कॉलज प्राचार्य डॉ जगदीश चंद्र नागर, डॉ. बीएल मेहरा, देवेश गोचर व प्रोक्टर हर्षवर्धन माथुर ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर गोल्डन ऑवर के टाइटल से सड़क सुरक्षा पर बनी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का प्रदर्शन भी किया गया ।

पांच लाख सड़क दुर्घटना में 1.60 लाख की मौत
गुप्ता ने बताया कि देशभर में गत वर्ष पांच लाख सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें 1.60 लाख लोग काल के ग्रास बने, जो बेहद गंभीर व चिंताजनक स्थिति थी। सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।