वीजा सस्पेंड होते ही पाकिस्तान अमेरिका के आगे गिड़गिड़िया, बोला वह US के साथ

0
10

नई दिल्ली। अमेरिका ने पाकिस्तान समेत 75 देशों को बड़ा झटका दिया है। उसने 21 जनवरी से इन देशों के लिए इमिग्रेशन वीजा को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। प्रतिबंधित देशों की सूची में 55 नंबर पर पाकिस्तान है।

ट्रंप सरकार का यह फैसला पाकिस्तानियों के लिए किसी बेइज्जती से कम नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ समय में पाकिस्तान और अमेरिका की करीबी बढ़ी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर व्हाइट हाउस का दौरा कर चुके हैं, जहां ट्रंप ने उनकी जमकर तारीफ भी की थी। ऐसे में अब उसे वीजा बैन वाले 75 देशों की लिस्ट में डालना पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाने जैसा है।

इस मामले पर पाकिस्तान ने गुरुवार को चुप्पी तोड़ी है। उसने नपे-तुले अंदाज में कहा है कि हम अमेरिका के साथ संपर्क में है। पाकिस्तान ने कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है और उम्मीद है कि वॉशिंगटन द्वारा अपने इमिग्रेशन सिस्टम की अंदरूनी समीक्षा पूरी करने के बाद रूटीन वीजा प्रोसेसिंग फिर से शुरू हो जाएगी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने इस घोषणा पर ध्यान दिया है और इस कदम के दायरे और अवधि के बारे में स्पष्टीकरण के लिए अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क में है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, “हम और जानकारी हासिल करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। यह एक बदलती हुई खबर है जिस पर हम नजर रख रहे हैं।

हम समझते हैं कि यह अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों और सिस्टम की समीक्षा की एक आंतरिक प्रक्रिया है।” प्रवक्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तान इस घटनाक्रम को अमेरिका की आंतरिक नीति समीक्षा का हिस्सा मानता है और उम्मीद जताई कि समीक्षा पूरी होने के बाद सामान्य वीजा प्रोसेसिंग फिर से शुरू हो जाएगी।

75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया रोकने वाले अमेरिकी फैसले से सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश को भी झटका लगा है। दरअसल, इस लिस्ट में बांग्लादेश भी शामिल है। यह कदम ऐसे प्रवासियों पर नकेल कसने के प्रयासों का हिस्सा है जो सरकार पर बोझ बन सकते हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिकी विदेश विभाग उन 75 देशों के लिए आप्रवासी वीजा जारी नहीं करेगा जिनके प्रवासी अमेरिकी जनता की कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक अमेरिका यह सुनिश्चित नहीं कर लेता कि नए आप्रवासी अमेरिकी जनता से धन संसाधन का दोहन नहीं करेंगे।”