कोटा। हाड़ौती की धरा और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। रणथंभौर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, युवा बाघ T-2408 ने आज मुकुंदरा की वादियों में कदम रखा।
वन विभाग की कड़ी मेहनत और सफल ऑपरेशन के बाद, बाघ को दरा रेंज के एनक्लोजर में ‘सॉफ्ट रिलीज’ किया गया, जिससे एक बार फिर मुकुंदरा के जंगलों में बाघ की दहाड़ गूंज उठी है।
इस ऐतिहासिक मौके पर पगमार्क फाउंडेशन के संस्थापक, देवव्रत सिंह हाड़ा ने इसे कोटा के लिए एक “गेम-चेंजर” घटना बताया और कहा कि आज मुकुंदरा हिल्स में सिर्फ एक बाघ का आगमन नहीं हुआ है, बल्कि यह इस जंगल की खोई हुई धड़कन की वापसी है।
T-2408 का यहाँ आना हमारे ईको-सिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) के संतुलन के लिए बेहद अनिवार्य था। एक शीर्ष शिकारी के बिना जंगल अधूरा होता है। बाघों की यह वापसी कोटा और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन उद्योग में नई जान फूँकेगी। रणथंभौर पर बढ़ते दबाव को कम करने और पर्यटकों को मुकुंदरा की ओर आकर्षित करने में T-2408 अहम भूमिका निभाएगा।
पांच बाघ हैं मुकुंदरा में : मुथु सोमासुंदरम का कहना है कि रणथंभौर नेशनल पार्क में ही टाइगर टी-2408 साल 2022 में जन्मा था। यह टाइगर टी-93 और टी-96 का बेटा है, जिसे कोटा शिफ्ट करने के बाद यहां पर 6 टाइगर हो जाएंगे। कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में पहले से बाघ व बाघिन की संख्या पांच है। एमएचटीआर के डीसीएफ मुथु सोमासुंदरम का कहना है कि रिजर्व में पहले से मौजूद पांच बाघ बाघिनों में दो टाइग्रेस, एक टाइगर, एक शावक व सब एडल्ट फीमेल हैं।
मुकुंदरा में किया सॉफ्ट रिलीज : डीसीएफ मुथु सोमासुंदरम ने बताया कि टाइगर टी-2408 को सड़क मार्ग से कोटा ले आए हैं। जिसके बाद सॉफ्ट एंक्लोजर में रिलीज किया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अभी मध्यप्रदेश से बाघिन भी लाई जानी है। बिरला ने सोशल मीडिया पर मुकुंदरा में छोड़ने का वीडियो भी जारी किया है।
फिर जीवंत होगा ऐतिहासिक टाइगर कॉरीडोर
करीब एक सदी पहले खत्म हुआ हाड़ौती का ऐतिहासिक टाइगर कॉरिडोर एक बार फिर जीवंत होगा। रामगढ़ विषधारी से लेकर मुकुंदरा की अप स्ट्रीम बाघों के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। बाघों की प्रजाति को सशक्त बनाने की दिशा में भी रामगढ़-मुकुंदरा ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे। रामगढ़ में पेंच टाइगर रिजर्व और अब रणथंभौर से मुकुंदरा में बाघ लाकर इस दिशा में वन विभाग ने एतिहासिक कदम उठाया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रणथंभौर से मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व में बाघ T-2408 के सफल स्थानांतरण पर कोटा सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हाड़ौती में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुकुंदरा-रामगढ़ बनेंगे बाघ संरक्षण का हब
बिरला ने कहा कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में हो रहे समन्वित प्रयास आने वाले समय में कोटा–बून्दी क्षेत्र को बाघ संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनाएंगे। कोटा बूंदी में बाघों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ इको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

