जम्मू। नववर्ष के अवसर पर देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ गई है।
हालात ऐसे बन गए हैं कि यात्रा मार्गों पर जगह-जगह भीड़ जमा है और कई स्थानों पर पैर रखने तक की गुंजाइश नहीं बची है। लगातार बढ़ती भीड़ के चलते न सिर्फ श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करना भी प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अहम निर्णय लिया है। बोर्ड ने भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माता वैष्णो देवी यात्रा के नए पंजीकरण को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह रोक 1 जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी।
इस अवधि में नए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा, ताकि पहले से पंजीकृत और यात्रा पर मौजूद भक्तों को बिना अव्यवस्था के दर्शन कराए जा सकें। नववर्ष के चलते केवल वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि देश के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।
सैलानियों की भीड़
वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली और शिमला में भी सैलानियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उत्तराखंड के नैनीताल में भी ट्रैफिक और भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। धार्मिक स्थलों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और काशी से लेकर ओडिशा के जगन्नाथपुरी, गुजरात के द्वारका, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर और महाराष्ट्र के शिरडी तक, लगभग हर बड़े तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। खास बात यह है कि इस बार नववर्ष के स्वागत में युवाओं की भागीदारी अधिक नजर आ रही है। बड़ी संख्या में युवा श्रद्धालु, जिन्हें आमतौर पर जेन-जेड कहा जाता है, नए साल की शुरुआत धार्मिक स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ करना पसंद कर रहे हैं।

