भारतीय रिफाइनर्स ने अमरीका से किया भारी मात्रा में सोया तेल के आयात का अनुबंध

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"Close up aerial photo of a large oil tanker, with an oil rig in the far distance."

मुम्बई। भारतीय रिफाइनर्स द्वारा लैटिन अमरीकी देशों मुख्यतः अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से अत्यन्त दूरस्थ महीनों के शिपमेंट के लिए भारी मात्रा में सोयाबीन तेल के आयात का अनुबंध किया गया है।

एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार अप्रैल से जुलाई 2026 के चार महीनों के लिए 6.50 लाख टन से अधिक सोयाबीन तेल की खरीद का सौदा किया गया है। इसमें से प्रत्येक महीने के लिए 1.50 लाख टन से ज्यादा सोया तेल खरीदा गया है क्योंकि उसका दाम क्रूड पाम तेल (सीपीओ) की तुलना में 20 से 30 डॉलर प्रति टन तक नीचे बताया जा रहा है।

इस बीच जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के लिए भी सोयाबीन तेल की भारी खरीद का सिलसिला जारी है। इसे देखते हुए लगता है कि 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में भी सोयाबीन तेल का आयात बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है।

उल्लेखनीय है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान देश में सोयाबीन तेल का कुल आयात बढ़कर 54 लाख टन से भी ऊपर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था।

आमतौर पर सीपीओ का निर्यात ऑफर मूल्य क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल से नीचे रहता है जिससे रिफानर्स को इसका आयात बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलता है लेकिन जब परिदृश्य उल्टा होता है तब सोया तेल का आयात बढ़ जाता है।

समझा जाता है कि अगले साल इंडोनेशिया में बी-50 प्रोग्राम लागू होने वाला है जिससे पाम तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और इसलिए भारतीय आयातकों ने सोया तेल का भारी-भरकम आयात अनुबंध कर लिया है।