नई दिल्ली। पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने गाली-गलौज भरे शब्दों का भी प्रयोग किया। लॉस एंजिल्स के गेटी सेंटर में ‘ए डे ऑफ अनरीजनेबल कन्वर्सेशन’ नामक शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी नई आत्मकथा ‘107 डेज’ के प्रचार के सिलसिले में उन्होंने ट्रंप और उनके प्रशासन की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को ‘पागलपन की हद’ बताया। लेखकों और कलाकारों से खचाकच भरे सभागार को संबोधित करते हुए हैरिस ने कहा कि हम अभी इतिहास रच रहे हैं, और आप सभी कहानीकार इसे महसूस कर रहे हैं। आप सिर्फ साक्षी नहीं हैं, यह आप जानते हैं। आप इसमें डूबे हुए हैं। मैं आपसे अपील करती हूं कि जो भावनाएं और अनुभव हम महसूस कर रहे हैं, उन्हें उन पात्रों तक पहुंचाएं जिनके बारे में और जिनके लिए आप लिखते हैं।
उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि यह दौर कई अमेरिकियों को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह उसी बात पर आता है कि लोगों को सिर्फ लेबल चिपकाने में मदद करनी चाहिए, भले ही इससे स्थिति में कोई बदलाव न आए।
क्योंकि इस समय बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि वे अपना दिमाग खो चुके हैं, जबकि हकीकत में पागल तो वे हैं। इस दौरान उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग भी किया। हैरिस के इन बयानों पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं, जिससे वह खुद हंसने लगीं।
यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब हैरिस अपनी किताब ‘107 डेज’ के प्रचार के लिए अमेरिका भर में भ्रमण पर हैं। यह पुस्तक उनके 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान की असफलता का विवरण प्रस्तुत करती है। 2024 चुनाव की रात का जिक्र करते हुए, उन्होंने ट्रंप से मिली हार के भावुक क्षणों को साझा किया।
उन्होंने कहा कि मैं कुछ बोल ही नहीं पा रही थी। मैं बार-बार सिर्फ इतना ही दोहरा रही थी- हे भगवान, हे भगवान। आगे उन्होंने कहा कि मैंने कभी इतना दर्द और दुख महसूस नहीं की थी, सिवाय उस पल के जब मेरी मां का निधन हुआ था। यह पूरे देश के लिए एक सामूहिक शोक था। मुझे पता था कि क्या होने वाला है।
इससे पहले, हैरिस ने ट्रंप पर आलोचकों को दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे राष्ट्रपति को देख रहे हैं जो खुद और अमीरों की तिजोरियां भर रहा है, जबकि मेहनतकश वर्ग पर टैरिफ बढ़ा रहा है, SNAP और मेडिकेड में कटौती कर रहा है, साइंस को नजरअंदाज कर रहा है, कैंसर के खिलाफ जंग रोक रहा है और अमेरिकी सेना को देश की सड़कों पर उतार रहा है।

