नई दिल्ली। Operation Sindoor: भारत के साथ लड़ाई में तुर्की ने पाकिस्तान की खुलकर मदद की। हालांकि यह मदद केवल वहीं तक सीमित नहीं है। तुर्की और पाकिस्तान मिलकर भारत के खिलाफ एक कहानी बना रहे हैं। तुर्की, पाकिस्तान को एशिया और अन्य देशों में भारत के खिलाफ अपनी बात रखने में मदद कर रहा है।
राष्ट्रपति एर्दोगन की टीम सोशल मीडिया, टीवी चैनल और दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पाकिस्तान की कहानी को आगे बढ़ा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि तुर्की का चैनल टीआरटी वर्ल्ड (TRT World) पाकिस्तान के समर्थन में खबरें दिखा रहा है। इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद के संघर्ष के दौरान की खबरें भी शामिल हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की हालिया तुर्की यात्रा में दोनों देशों ने कई समझौते किए हैं। हालांकि ईरान में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ वैसी मदद नहीं मिली जैसी वह चाहता था। सूत्रों के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकी हमले से दो हफ्ते पहले इस्तांबुल में कश्मीर मुद्दे पर एक सेमिनार हुआ था। इसमें पाकिस्तान का समर्थन करने वाले लोग शामिल हुए थे। कुछ साल पहले एर्दोगन ने तुर्की में ISI द्वारा आयोजित कश्मीर पर सेमिनार को रोक दिया था, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि 2018 से इस्लामाबाद और इस्तांबुल से एक साथ सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। एर्दोगन परिवार के NGO अलग-अलग देशों में फैले हुए हैं। ये NGO हमास और पाकिस्तान द्वारा चलाए जा रहे भारत विरोधी अभियानों का समर्थन करते हैं। तुर्की का एक संगठन TUGVA भी एर्दोगन की AKP पार्टी के राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाता है।
यह संगठन पाकिस्तान को अपनी कहानी बनाने में मदद करता है। पाकिस्तान भी अक्सर तुर्की की बातों का समर्थन करता है। पिछले दो सालों में पाकिस्तान से तुर्की और तुर्की से पाकिस्तान के नेताओं की यात्राएं बढ़ी हैं। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री तुर्की गए थे। इस यात्रा में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर भी शामिल थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जनरल मुनीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

