कोटा। कोटा की धार्मिक और आध्यात्मिक भूमि एक बार फिर पावन और गौरवान्वित होने जा रही है, जब पुष्पगिरि तीर्थ प्रणेता पुष्पदंत महाराज के शिष्य मुनि संघनायक, आचार्य प्रज्ञासागर मुनिराज इस वर्ष 2025 का चातुर्मास कोटा नगर में संपन्न करेंगे।
यह अवसर कोटा दिगंबर जैन समाज के लिए न केवल गौरव का क्षण है, बल्कि एक आध्यात्मिक उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। इस संबंध में गुरू आस्था परिवार कोटा और सकल दिगंबर जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं उज्जैन पहुंचकर आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर कोटा में चातुर्मास की विनती की, जिसे आचार्य श्री ने सहर्ष आशीर्वाद दिया।
चेतन कुमार सर्राफ ने बताया कि आचार्य प्रज्ञासागर मुनिराज ने 29 वर्ष पूर्व 1996 में रामपुरा जैन मंदिर, कोटा में चातुर्मास संपन्न किया था। अब 29 वर्षों बाद पुनः जुलाई माह में कोटा की पावन भूमि को यह सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, जब आचार्य श्री अपने चरणों से कोटा को पुनः तपोभूमि बनाएंगे। इस चातुर्मास मे संसघ नौ संत का संघ साथ रहेगा।

