नई दिल्ली। 8th Pay Commission latest: अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं तो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे। हालांकि, वेतन आयोग से जुड़ी कई तरह की खबरें चल रही हैं। इनमें से एक खबर डीए और डीआर के बेसिक सैलरी में मर्जर की है।
अब केंद्र सरकार ने सदन को इसके बारे में विस्तार से बताया है। एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण में वित्त मंत्रालय ने संसद को सूचित किया है कि वह इस समय मूल वेतन में महंगाई भत्ते (डीए) या महंगाई राहत (डीआर) को शामिल करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी इसको लेकर आशंका जता रहे थे।
लोकसभा सांसद आनंद भदौरिया ने केंद्र सरकार से दो प्रमुख बिंदुओं पर ठोस जवाब मांगा था। उन्होंने पूछा था कि क्या आठवें वेतन आयोग को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है? इसके अलावा एक अन्य सवाल में पूछा था कि क्या सरकार बढ़ती मुद्रास्फीति की भरपाई के लिए महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मिलाने पर विचार कर रही है? इस पर वित्त मंत्रालय की ओर से जवाब देते हुए राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पुष्टि की कि 3 नवंबर, 2025 की अधिसूचना के माध्यम से आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया गया है।
आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजन प्रभा देसाई करेंगी, प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेंगे। हालांकि, चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि डीए/डीआर को मूल वेतन में विलय करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, जिससे सोशल मीडिया और कर्मचारी यूनियनों में महीनों से चल रही अटकलों का अंत हो गया।
कई महीनों से ऐसी अफवाहें चल रही थीं कि सरकार 2026 के बाद डीए और डीआर में बढ़ोतरी बंद कर सकती है और उन्हें 8वें वेतन आयोग के ढांचे में मिला सकती है। इससे कर्मचारी परेशान हो गए थे। अब सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि डीए और डीआर पहले की तरह जारी रहेंगे।

