वैश्विक GDP में 50% से अधिक की साझेदारी
नई दिल्ली। भारत के आर्थिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि देश ने कुछ ही दिनों के अंदर दो बड़े व्यापारिक समझौते किए हैं। अगर पूरे साल भर की बात करें तो भारत ने ऐसे पांच ट्रेड डील किए हैं, जिनकी वैश्विक जीडीपी में कुल हिस्सेदारी 50% से भी ज्यादा है।
सबसे ताजा ट्रेड डील की घोषणा अमेरिका के साथ हुई है, जो पिछले कुछ महीने से दोनों देशों में तनाव की बड़ी वजह बनी हुई थी। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है, जहां पिछले वित्त वर्ष (2025) में भारत के कुल निर्यात का करीब 20% माल गया और हमारे आयात में उनकी हिस्सेदारी 6.3% रही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर बात करने के साथ ही भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए जो अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया था, उसे भी खत्म किया जा रहा है।
भारत के लिए यह बहुत बड़ी सफलता है, क्योंकि अमेरिका हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है, वह हमारे सामानों का सबसे बड़ा आयातक है और भारत के 20% माल की सप्लाई वहीं होती है। दोनों देशों के बीच ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल शुरू होने के बाद से ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बात चल रही थी, जिसके तहत मौजूदा 191 अरब डॉलर के व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।
कुछ ही दिन पहले भारत और यूरोपियन यूनियन ने भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगाई है। इस तरह से भारत के आर्थिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि दुनिया के दो सबसे बड़े व्यापारिक समूहों के साथ इसकी व्यापारिक संधि हो गई है।
इस तरह से बीते एक साल के अंदर भारत ने पांच ट्रेड डील पूरे कर लिए हैं। अमेरिका और यूरोपियन यूनियन से पहले भारत ने ब्रिटेन (यूके), ओमान और न्यूजीलैंड से भी ट्रेड डील कर ली है।
अगर 2025 के वैश्विक जीडीपी में मोटे तौर पर हिस्सेदारी देखें तो भारत, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन (27 देश शामिल), यूके, ओमान और न्यूजीलैंड को मिलाकर यह 50% से 55% तक हो जाता है।
अकेले यूरोपियन यूनियन और भारत की ही वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी जोड़ें तक यह करीब 25% है। अमेरिका से हुई ट्रेड डील इन मायनों में और भी खास है कि अब बांग्लादेश (20%) , वियतनाम (20%) और थाईलैंड(19%) जैसे देशों पर लगा अमेरिकी टैरिफ भारत से ज्यादा हो गया है।
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है तो यूरोपियन यूनियन दूसरी बड़ी अर्थव्यस्था (चीन अकेले रहने पर) और भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ब्रिटेन हाल तक टॉफ फाइव इकॉनमी में शामिल रहा है।
इस तरह से दुनिया की प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं का एक बड़ा समूह अब भारत के साथ व्यापारिक रूप से मजबूती से जुड़ चुका है। अगर ग्लोबल ट्रेड में इन सबकी हिस्सेदारी देखें यह 38 से 40% के करीब है।
कई देशों के साथ पहले से है व्यापार संधि
इनके अलावा भारत का कई देशों के साथ पहले से ही रीजनल ट्रेड एग्रीमेंट और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट चल रहा है। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान क्षेत्र के देश, सार्क से जुड़े देश, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं।

