श्री अग्रसेन संस्कार सेवा समिति का तीन दिवसीय महाछप्पन भोग आज से
कोटा। श्री अग्रसेन संस्कार सेवा समिति कोटा संभाग के तत्वावधान में रविवार से श्री राम धाम आश्रम रावतभाटा रोड़ पर आयोजित हो रहे छप्पन भोग कार्यक्रम को रिकॉर्ड करने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम कोटा पहुंच चुकी है। जो छप्पन भोग के दौरान मेवों, मसालों और कैंडी से बनाए गए 18 भव्य महलों और 9 आकर्षक देव प्रतिमाओं को रिकॉर्ड करेंगे। टीम के साथ आए आलोक कुमार ने बताया कि यदि आयोजकों का दावा खरा उतरता है तो रविवार शाम को ही वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करने का प्रोविजनल सर्टिफिकेट सौंप दिया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक तथा अग्रसेन संस्कार सेवा समिति के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने बताया कि महाछप्पन भोग के लिए आगरा (उत्तर प्रदेश) के 40 कारीगरों द्वारा देसी घी से निर्मित विविध व्यंजन तैयार किए गए हैं। जो छप्पनभोग में रखे जाएंगे। छप्पन भोग के दर्शन प्रतिदिन प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक होंगे। जिन्हें सर्वसमाज के लिए खोला जाएगा।
मेवों से बने भव्य महल तैयार: जिला अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष सहसंयोजक जगदीश अग्रवाल चूनेवाले ने बताया कि छप्पनभोग के दौरान चिरौंजी, शुगर फ्री, अंजीर, मूंगफली, बिस्किट, मखाना, नमकीन पिस्ता, चॉकलेट, बादाम, बताशे, अखरोट, हरी इलायची, छुआरा, पीली सरसों, नारियल, काली मिर्च, पोलो गोली, हल्दी आदि के 18 महल बनाए गए हैं।
संस्थापक अध्यक्ष टीसी गुप्ता तथा प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि राजमा से काली माता, भुने हुए चने से विष्णु भगवान, मिक्स मेवा एवं सुपारी से दुर्गा माता, बादाम और मूंगफली से साईं बाबा, मोतियों से बजरंग बली, काबुली चने और मखाना से गणेश जी, मोतियों से कृष्ण कन्हैया, वर्क वाली इलाइची से लक्ष्मी जी समेत 9 प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। जिन्हें रविवार से दर्शनों के लिए रखा जाएगा।
रुचि अग्रवाल तथा सुनील गर्ग ने बताया कि महाछप्पन भोग की तैयारी में संदीप चांदीवाला, टीकम खांडवाले, अनीता मित्तल, डॉ. आरके राजवंशी, नवल गर्ग, परमानंद गर्ग, जगदीश अग्रवाल प्रॉपर्टी, नत्थीलाल अग्रवाल, हनुमान गुप्ता, सुनील निमोदिया, प्रदीप अग्रवाल, महावीर जैन, किन्नू अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, लोकेश गोयल, सुरेश अग्रवाल समेत कई कार्यकर्ता लगे हैं।
प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि महाछप्पन भोग का आयोजन कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की कमी के चलते अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को फिर से गति देने के लिए किया जा रहा है। माता लक्ष्मी को महा छप्पन भोग लगाकर उनसे कोटा की समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की कामना की जाएगी। छप्पन भोग को तैयार करने के लिए 26 मार्च से 40 कारीगरों की टीम लगी हुई है।
संयोजक अशोक अग्रवाल सब्जी वालों ने बताया कि महा छप्पनभोग में 5 क्विटंल मेवे, 350 लीटर देसी घी और 12 क्विंटल शक्कर का उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि महल और मूर्तियां बनाने तथा विभिन्न मिष्ठान तैयार करने में डेढ़ क्विंटल काजू, 70 किलो बादाम, 14 किलो इलायची, 12 क्विंटल चीनी, 22 पीपा देशी घी, 32 किलो मखाने, 40 किलो अंजीर, 30 किलो खुरमानी, 30 किलो पिस्ता, 35 किलो छुआरे, 30 किलो शुगर फ्री, 32 किलो पोलो गोली, 35 किलो अखरोट, 14 किलो काली मिर्च, 14 किलो चिरौंजी, 12 किलो सरसों, 32 किलो हल्दी समेत विभिन्न सामग्री प्रयोग में लाई गई है।

