30 लाख के भुगतान के बदले सहकारी बैंक के MD व उप रजिस्ट्रार ने ली 6 लाख रिश्वत

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यपुर। केन्द्रीय सहकारी बैंक के एमडी मंगतराम खन्ना और चूरू सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार नौरंगलाल बिश्नोई ने एक ठेकेदार को 30 लाख रुपए का भुगतान करवाने के बदले दलाल के जरिये छह लाख रुपए की रिश्वत ली। एसीबी ने इन तीनों के अलावा रिश्वत देने वाले ठेकेदार को भी गिरफ्तार कर लिया है।

एसीबी मुख्यालय को लंबे समय से बीकानेर सहकारी समितियों में अतिरिक्त रजिस्ट्रार एमआर खन्ना व अन्य कार्मिकों की ओर से भ्रष्टाचार किए जाने की जानकारी मिली थी। एसीबी ने निगरानी शुरू कर छानबीन की। पिछले दिनों 10 अगस्त को खन्ना का ट्रांसफर कर श्रीगंगानगर में केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया। इस दौरान एसीबी को उसके भ्रष्ट कारनामों की पुष्टि हो गई।

शुक्रवार को एफआई दर्ज कर खन्ना, बिश्नोई और उनके दलाल वली मोहम्मद को हिरासत में उनके ठिकानों और ऑफिस में सर्च की गई जिसमें भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। बीकानेर एसीबी के एएसपी रजनीश पूनिया ने बताया कि चूरू की एक फर्म ने मूंग की खरीद की थी। इसमें करीब 30 लाख रुपए का भुगतान रोक लिया गया था। बाद में एमडी खन्ना, उप रजिस्ट्रार बिश्नोई ने दलाल वली मोहम्मद के जरिये श्रीडूंगरगढ़ निवासी ठेकेदार किशन खिलेरी से मिलीभगत की और भुगतान करवाने के लिए छह लाख रुपए की रिश्वत ली।

एमडी खन्ना ने चूरू की क्रय-विक्रय सहकारी समिति को भुगतान करने के आदेश जारी कर दिए। रिश्वत के चार लाख रुपए खन्ना और दो लाख रुपए बिश्नोई ने आपस में बांट लिए। एसीबी ने इन दोनों सहित दलाल वली मोहम्मद और रिश्वत देने वाले ठेकेदार किशन को भी गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों को बीकानेर में एसीबी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के व्यास कॉलोनी स्थित निवास पर पेश किया जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। एसीबी को भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार साक्ष्य मिल रहे हैं। इनके साथ अन्य सरकारी और प्राइवेट कार्मिकों की मिलीभगत भी सामने आई है जिसकी छानबीन की जा रही है।