21 महिलाओं को को मिला सुखी मातृत्व का आशीर्वाद और गर्भ संस्कार

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संगिनी जेएसजी का गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम सम्पन्न

कोटा। जैन समाज संस्था संगिनी द्वारा समाज में स्वस्थ एवं संस्कारवान संतानों के निर्माण के उद्देश्य से बुधवार को अणुव्रत भवन में “एक कदम दिव्य संतान की ओर” विषय पर गर्भ संस्कार शिविर एवं गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जेएसजी संगिनी के अध्यक्ष कविता बाफना व सचिव रेणु जैन ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एकता धारीवाल, डॉ. निधि बरथूनिया और समाजसेवी संजय गोयल रहे। कार्यक्रम निदेशक कविता बाफना व प्रियंका जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के समक्ष मंगलाचरण से हुआ।

इस अवसर पर जेएसजी सांगिनी की अध्यक्षा कविता बाफना ने अपने उद्बोधन में कहा कि गर्भ संस्कार एक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रक्रिया है। जो शिशु के सर्वांगीण विकास की नींव गर्भकाल से ही रखती है। उन्होंने बताया कि सांगिनी का उद्देश्य केवल सामाजिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।

मुख्य अतिथि एकता धारीवाल ने अपने संबोधन में मातृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान माँ के विचार, आहार और संस्कार शिशु के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने संगिनी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।

इस अवसर पर डॉ. निधि बर्थुनिया द्वारा गर्भ संस्कार एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई। गर्भवती महिलाओं को गुड का दलिया और रोजाना अनार खाएं। जिससे हीमोग्लोबिन की कोई कमी नहीं होगी।

दाल आवश्यक है। जिसमें प्रोटीन होता है। रोजाना दूध अवश्य पिए, समय-समय पर हीमोग्लोबिन शुगर और बीपी की जांच करते रहे, मेडिटेशन करें, पूजा पाठ करें, हमेशा सकारात्मक करें। डिलीवरी के बाद 6 महीने तक अपना दूध पिलाएं।

प्रोजेक्ट एडवाइजर निकिता जैन ने बताया कि पौष्टिक आहार में क्लब की ओर से महिलाओं को  नारियल, मिठाई और साड़ी देकर 21 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई। उन्हें पोषक आहार ओर डिलिवरी में काम आने वाली चीजें घी, गुड अजवाइन, बादाम, गोला, मखाने ओर फल आदि दिए गए तथा उन्हें चुनरी उड़ाई गई।

अध्यक्ष कविता बाफना ने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखने वाली सभी बातों से अवगत कराया गया। साफ सफाई का महत्व समझाते हुए गर्भाधान संस्कार के बारे में बताया कि किस तरह हम स्वस्थ और संस्कारित पीढ़ी को जन्म दे सकते हैं।

मां बनना हर स्त्री के लिए एक सौभाग्य की बात है। ईश्वर का दिया हुआ सबसे सुंदर वरदान है, इसलिए हमें लड़के और लड़की में भेद न करके इन्हें ईश्वर का वरदान समझकर खुली बांहों से अपनाना चाहिए। चाहे लड़का हो या लड़की उसे पढ़ा लिखा कर एक संस्कारित और शिक्षित बनाना चाहिए।

इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट बिना बिलाला पूर्व अध्यक्ष निर्मला बडजातिया, सुनीता जैन, सह सचिव सीमा जैन, कोषाध्यक्ष अनिता जैन और हमारे प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स कविता बापना और प्रियंका जैन और इस पुनीत कार्यक्रम में संगिनी 50 से अधिक मेंबर्स की उपस्थिति रही।