कोटा। फुलेरा दूज के पावन दिन गुरुवार को दाधीच छात्रावास समिति के तत्वावधान में 16वां दाधीच सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। अध्यक्ष रवींद्र जोशी ने बताया कि 6 जोड़ों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर हिंदू रीति रिवाज से फेरे लिए और अपना जीवनसाथी चुना।
महामंत्री निमेश पुरोहित ने बताया कि विनायक स्थापना, वर निकासी, तोरण प्रक्रिया, वरमाला, अग्नि फेरे, पाणिग्रहण संस्कार तक कार्य विधिवत मंत्र उचारण व हर्षोउल्लास के साथ आयोजित किए गए।
नागेश दाधीच ने बताया कि विवाह के दौरान दाधीच समिति की ओर से वर-वधुओं को उपहार में गृहस्थी का सामान भेंट किया गया। युवा अध्यक्ष कमल किशोर दाधीच व गोपाल दाधीच ने बताया कि अलग अलग मंडपों में हिंदू रीति रिवाज से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में संपन्न कराई गई।
महिला अध्यक्ष स्मिता व अम्बिका की महिला टीम ने कार्यक्रम बासन से दुल्हन श्रृंगार तक समस्त कार्यो में भागीदारी निभाई।
मुख्य अतिथि कोटा बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ रहे। उन्होने आशीर्वाद समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह मात्र एक विवाह का आयोजन भर नहीं हैं अपितु इसके प्रभाव व समाज हित में लाभ बड़े दूरगामी हैं। किसी जरूरतमंद या असहाय परिवार की कन्या का विवाह करानें से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं है।
कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर भाजपा वरिष्ठ नेता पंकज मेहता रहे। उन्होने कहा कि सामूहिक विवाह दाधीच समाज की एक प्रशंसनीय पहल है। सामूहिक विवाह समय की बर्बादी, दान-दहेज व फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक है। हमें समाज हित में सामूहिक विवाह आयोजनो का सार्थक बनाना होगा। विशिष्ट अतिथि के तौर पर सूर्यप्रकाश दौरासरी, अशोक दौरासरी, दिवाकर दाधीच,आचार्य कौशल किशोर दाधीच उपस्थित रहे।
राजेश व गोपाल दाधीच ने बताया कि कार्यक्रम में 75 वर्ष से अधिक आयु के 140 समाजबंधुओं का सम्मान किया। वधू पक्ष के परिजन ने अपनी लाड़ली को भींगी पलकों के साथ विदा किया।
आर्थिक सुदृढ़ता का आधार
सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष रवींद्र जोशी ने सामूहिक विवाह के जोडो को आशीर्वाद देते हुए सामूहिक विवाह को समाज के लिए हितकारी बताया। नागेश दाधिच ने कहा कि सामूहिक विवाह से धन व समय की बचत होती है। आचार्य कोशल किशोर दाधीच ने कहा कि व्यक्ति शादी के लिए एक बड़ी धनराशि जोडता है। कई बार कर्ज लेकर भी विवाह करना पडता है, ऐसे में यदि सामूहिक विवाह हो तो आर्थिक बोझ नहीं होता और वह धनराशि भविष्य के कार्यो के लिए आर्थिक सुदृढ़ता प्रदान करती है।

