कोटा। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए कोटा नगर निगम द्वारा जारी करीब ₹123 करोड़ के टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व पार्षद सलीना शेरी ने टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने और टेंडर को निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और राजस्थान सरकार के मुख्य शासन सचिव को शिकायत भेजी है।
शिकायत में बताया गया है कि नगर निगम द्वारा जारी इस टेंडर में SPS Trash Handlers JV नामक फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है। लेकिन पूरी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और प्राप्त जानकारी के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की आशंका प्रतीत होती है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि टेंडर की पात्रता शर्तों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। साथ ही टेंडर में भाग लेने वाली फर्मों के तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है। कुछ फर्मों के संबंध में पहले जारी डीबार आदेशों के बावजूद उनकी पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
निवर्तमान पार्षद सलीना शेरी ने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान प्राप्त शिकायतों पर समुचित जांच नहीं की गई। ऐसे में पूरे मामले की स्वतंत्र प्रशासनिक और तकनीकी जांच कराए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नगर निगम द्वारा जारी लगभग ₹123 करोड़ के इस सफाई टेंडर की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं सामने आएं तो टेंडर को निरस्त किया जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित कार्यों की विशेष निगरानी भी सुनिश्चित की जाए

