होलिका दहन के साथ यूजीसी के ‘काले कानून’ का प्रतीकात्मक दहन

0
4

कोटा। समता आंदोलन समिति के धरने में लिए गए निर्णय के अनुरूप होली दहन के अवसर पर समता आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के कथित ‘काले कानून’ का प्रतीकात्मक दहन कैथूनीपोल ​पिप्लेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण कर विरोध दर्ज कराया। गाजे-बाजे और नारों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

समता आंदोलन के संभागीय अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा, महामंत्री कमल सिंह, संयोजक राजेंद्र गौतम एवं जिला महामंत्री रासबिहारी पारीक ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी के प्रस्तावित प्रावधानों से कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे विषय की गंभीरता को समझें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएं।
समय रहते छात्र-युवा संगठित होकर विरोध नहीं करेंगे तो भविष्य में उन्हें शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने वर्तमान नीतियों की आलोचना करते हुए इसे युवाओं के हितों के प्रतिकूल बताया और व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान होलिका दहन के साथ यूजीसी कानून की प्रतिकृति का दहन किया गया। समतादल पदाधिकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार से पुनर्विचार की अपील की।