होर्मुज से 46000 टन एलपीजी लेकर भारत पहुंचा शिवालिक जहाज, दुनिया देखती रही

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नई दिल्‍ली। शिवालिक आ गया है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के केंद्र होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरकर यह भारतीय जहाज लौटा है। अपने साथ देशवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर। इस पर 46,000 टन एलपीजी लोड है। मंगलवार को यह मुंद्रा पोर्ट के एलपीजी टर्मिनल पर पहुंचा तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।

इसे होर्मुज स्‍ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की मंजूरी मिली थी। जब सीना तानकर शिवालिक वहां से गुजरा था तब पूरी दुनिया ने यह नजारा देखा था। यह भारत की कूटनीति की बड़ी जीत है। एक और जहाज ‘नंदा देवी’ के मंगलवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। वह भी एलपीजी के साथ भारत पहुंचेगा।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, नई दिल्ली और तेहरान के बीच एक समझौते के बाद इन दोनों टैंकरों को होर्मुज स्‍ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई। ईरान संघर्ष के चलते पिछले लगभग दो हफ्तों से यह स्‍ट्रेट ज्‍यादातर बंद रहा है।

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के इन टैंकरों को सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने चार्टर पर लिया था। इन जहाजों का मालिकाना हक सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पास है।

इससे पहले दिन में शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि कच्चे तेल से लदा एक और भारतीय जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग लाडकी’ लगभग 81,000 टन ‘मुरबान’ कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है। 14 मार्च को संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) से यह रवाना हुआ था। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वे कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएंगे।

होर्मुज में अभी 22 भारतीय जहाज
अधिकारी ने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले 24 घंटों में किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हम हर जहाज और उसके चालक दल के संपर्क में हैं। भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज होर्मुज स्‍ट्रेट के पश्चिम में फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं।’

अहम है टैंकरों का लौटना
इन टैंकरों का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब होर्मुज स्‍ट्रेट से समुद्री यातायात में आई रुकावटों के बाद भी भारत फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखे हुए है। भारत अपनी लगभग 88 फीसद क्रूड, 50 फीसदी नैचुरल गैस और 60 फीसदी एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज्यादा कच्चा तेल आयात, लगभग 30 फीसदी गैस और 85 से 90 फीसदी एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।