नई दिल्ली। टू-व्हीलर कंपनी होंडा (Honda) ने अपनी लोकप्रिय क्रूजर बाइक Rebel 300 को एक बड़े टेक्नोलॉजी अपग्रेड के साथ बाजार में उतारा है। कंपनी ने 2026 Rebel 300 को ओवरसीज बाजार में अपनी खास E-Clutch (इलेक्ट्रॉनिक क्लच) तकनीक के साथ लॉन्च किया है।
यह नई तकनीक राइडिंग के अनुभव को पूरी तरह से बदलने का वादा करती है। इस नई बाइक की कीमत अमेरिकी बाजार में 5,349 डॉलर (लगभग 4.70 लाख) रखी गई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। ई-क्लच (E-Clutch) सिस्टम रेबल 300 (Rebel 300) का सबसे बड़ा आकर्षण है। यह DCT (डुअल क्लच ट्रांसमिशन) सिस्टम से पूरी तरह अलग है।
क्लच दबाने की जरूरत नहीं
यह सिस्टम राइडर को हैंडलबार पर लगे क्लच का इस्तेमाल किए बिना गियर बदलने (शिफ्ट कॉग्स) की सुविधा देता है। जब आप गियर लीवर को पैर से शिफ्ट करते हैं, तो क्लच खुद-ब-खुद काम करता है।
DCT से अंतर
इसे होंडा के DCT (जिसमें गियर और क्लच दोनों का काम सिस्टम खुद संभालता है) से न समझें। रेबल 300 (Rebel 300) में क्लच इंगेजमेंट का काम तो सिस्टम संभालता है, लेकिन गियर अभी भी राइडर को मैनुअली बदलने होंगे।
मैनुअल विकल्प
सबसे अच्छी बात यह है कि राइडर के पास मैनुअल क्लच (पारंपरिक बाइक की तरह) का उपयोग करने का विकल्प हमेशा खुला रहता है। सिस्टम खुद ही पहचान लेता है कि राइडर कब क्लच का उपयोग करना चाहता है और उसी के अनुसार काम करता है। इसमें कोई मोड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है। आपको बता दें कि होंडा ने यह इलेक्ट्रॉनिक क्लच सबसे पहले अपनी 650cc ट्विन्स (CB650R और CBR650R) में पेश किया था।
इंजन, स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स
ई-क्लच (E-Clutch) जोड़ने के अलावा 2026 रेबल 300 अन्य मामलों में स्टैंडर्ड मॉडल जैसी ही है।
| फीचर | डिटेल्स |
|---|---|
| इंजन | 286cc, लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन। |
| पावर/टॉर्क | लगभग 24bhp की पावर और 23.86Nm का टॉर्क। |
| गियरबॉक्स | 6-स्पीड गियरबॉक्स। |
| व्हील्स/सस्पेंशन | 16-इंच अलॉय व्हील्स, 41mm टेलिस्कोपिक फोर्क और डुअल रियर शॉक एब्जॉर्बर। |
| ब्रेकिंग | दोनों सिरों पर सिंगल डिस्क ब्रेक। |
| अन्य फीचर्स | फुल-LED लाइटिंग और एक LDC इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर। |
बाइक को दो नए कलर ऑप्शन भी मिले हैं, जो इसे एक नया और फ्रेश लुक देते हैं। होंडा रेबल 300 (Honda Rebel 300) का E-Clutch के साथ लॉन्च होना क्रूजर सेगमेंट में एक गेम-चेंजर हो सकता है। यह तकनीक खासकर शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर राइडिंग को बेहद आसान और आरामदायक बना देगी।

