कोच्चि। हालांकि 2025-26 के वित्त वर्ष में जीरा एवं सौंफ का निर्यात प्रदर्शन कमजोर रहा लेकिन हल्दी, धनिया, लहसुन, मेथी अन्य सीड मसाले तथा छोटी इलायची आदि का बेहतर शिपमेंट होने से मसालों के सकल निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
मसाला बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के शुरूआती 10 महीनों में यानी अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान भारत से मसालों का कुल निर्यात बढ़कर 14,54,925 टन पर पहुंच गया जो 2024-25 वित्त वर्ष की समाप्त अवधि के निर्यात 13,49,704 टन से 8 प्रतिशत अधिक है।
मसाला बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान जीरा का निर्यात 1,97,050 टन से 15 प्रतिशत घटकर 1,66,878 टन तथा सौंफ का निर्यात 72,089 टन से 61 प्रतिशत लुढ़ककर 28,422 टन पर अटक गया जबकि दूसरी ओर हल्दी का निर्यात 1,48,691 टन से सुधरकर 1,51,933 टन,
धनिया का निर्यात 49,396 टन से सुधरकर 52,006 टन, लहसुन का 28,547 टन से उछलकर 36,871 टन, अन्य सीड मसालों का 27,424 टन से बढ़कर 34,092 टन, मैथी का 35,907 टन से बढ़कर 40,633 टन तथा छोटी इलायची का निर्यात 5294 टन से 132 प्रतिशत उछलकर 12,281 टन पर पहुंच गया।
इसके अलावा देश से लालमिर्च, कालीमिर्च, जायफल-जावित्री एवं कई अन्य मसालों के साथ-साथ मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादों का भी बड़े पैमाने पर निर्यात हुआ जिसमें मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन आदि सम्मिलित हैं।

