हजारों भक्तों की मौजूदगी में श्याम बाबा का सजा दरबार, भजनों से भक्तिमय हुआ कोटा

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कोटा। शहर के दशहरा मैदान में शनिवार की रात्रि को आयोजित श्याम बाबा के दिव्य दरबार के समक्ष देर रात तक उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने रसपूर्ण भजनों के साथ ऐसा आध्यात्मिक वातावरण रचा कि पूरा परिसर जय श्री श्याम के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा विशिष्ट अतिथि विधायक संदीप शर्मा थे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सकारात्मकता और आस्था की भावना को सशक्त करते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन श्री श्याम मित्र मण्डल कोटा के तत्वावधान में किया गया। संस्था के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल, सचिव राजेश चौधरी एवं कोषाध्यक्ष महेन्द्र मंसाका ने बताया कि यह 30वां रंग-रंगीला फागोत्सव था, जो पिछले तीन दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा है।

भजनों से सजा बाबा का दरबार
जयपुर के भजन गायक गोविंद शर्मा ने सर्वप्रथम गणेश वंदना के साथ भजन संध्या का शुभारंभ किया और तत्पश्चात “कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है…” जैसे पौराणिक कीर्तन से श्याम बाबा का आह्वान किया। उनकी मधुर प्रस्तुति के साथ ही श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।

इसके बाद कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहक रवि बेरीवाल ने “श्याम धणी ने ये दरबार लगाया है, हम सबसे मिलने का ख्याल बाबा को आया है…” और “हाथों में लेकर निशान चला रे, मैं तो अपने बाबा के धाम चला रे…” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

शुभम रूपम ने “हो रयो बाबा की नगरी में केशर चंदन को छिड़काव…”, “जाके सिर पर हाथ श्याम धणी को होवे है, वो तो खूंटी तान के सोवे है…”, “म्हारे मन की बात बाबा थारे से न छानी है…” और “म्हारा खाटू का राजा रे, तू तो बेगो-बेगो आजा रे…” जैसे भावपूर्ण भजनों से पंडाल को श्याममय कर दिया।

पुष्पवर्षा और छप्पन भोग
सेवादार कमल अग्रवाल व पंकज बजाज ने बताया कि श्याम बाबा के दरबार को कोलकाता, दिल्ली एवं चंडीगढ़ से मंगाए गए रंग-बिरंगे पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया। जयपुर के कुशल सजावटी कलाकारों द्वारा सुसज्जित मंच, अखंड ज्योत, छप्पन भोग, आकर्षक श्रृंगार तथा पूरे पंडाल में की गई इत्र एवं पुष्प-वर्षा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। गणेशजी एवं सालासर बालाजी का दरबार भी स्थापित किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक परिवार सहित उपस्थित रहे। श्रद्धालु पूरी रात्रि भजनों की रसधारा में डूबे रहे और “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष से दशहरा मैदान गुंजायमान हो उठा।