हंगामे के कारण लोक सभा तीसरे दिन भी हुई स्थगित, नहीं हो पाया पीएम मोदी का भाषण

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का आज (बुधवार, 4 फरवरी को) शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब देने वाले थे लेकिन उनका संबोधन नहीं हो सका।

विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद आखिरकार शाम पांच बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष का कहना है कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाएगा तो पीएम मोदी को भी भाषण देने नहीं दिया जाएगा। इस मामले को लेकर अब गुरुवार को भी जमकर बवाल हो सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या प्रधानमंत्री गुरुवार को सदन में अपना संबोधन देंगे?

बता दें कि इससे पहले दिन में तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई थी। शाम पांच बजे जब फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर वेल में आ गए और जोरदार हंगामा करने लगे। इसे देखते हुए पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

दरअसल, लोकसभा में पिछले तीन दिनों से हंगामा हो रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को डोकलाम मुद्दे पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के एक संस्मरण का उल्लेख करना चाहा तो सत्ता पक्ष के लोगों ने उस पर आपत्ति जताई और अप्रकाशित किताब का उल्लेख करने से रोक दिया। आसन ने भी ऐसी ही व्यवस्था दी।

इस पर पिछले तीन दिनों से सदन में गतिरोध बना हुआ है। दूसरी तरफ राहुल गांधी उसी बात पर अड़े हुए हैं। विपक्षी दलों के भी सांसदों ने कल राहुल का समर्थन करते हुए सदन में चर्चा में भाग लेने से परहेज किया।

निशिकांत दुबे ने दिखाईं किताबें
बुधवार को सदन में हालात तब बिगड़ गए, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पलटवार करते हुए सदन में किताबें दिखाईं। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने आज भी आसन पर कागज के टुकड़े फेंके। हंगामे के कारण पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदन की कार्यवाही 5 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी और अब उसे कल तक स्थगित कर दिया गया