स्टाकिस्टों के समर्थन से सप्ताह भर में चांदी 49000 रुपये उछली, जानिए क्या रहे भाव

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को चांदी की कीमत में लगातार छठे दिन तेजी आई। चांदी 3,600 रुपये उछलकर 2,92,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी के कारण चांदी की कीमतों में यह रिकॉर्ड उछाल देखा गया। अखिल भारतीय सराफा संघ ने यह जानकारी दी है।

वहीं, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत अपने टॉप लेवल से नीचे आई। यह 1,100 रुपये घटकर 1,46,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई। पिछले कारोबारी दिन में सोना 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

गुरुवार को चांदी 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में नरमी के बावजूद औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी के कारण चांदी मजबूत बनी हुई है।

यह चांदी की कीमत में एक बड़ी तेजी है। सिर्फ छह दिनों में चांदी 20.16 फीसदी यानी 49,100 रुपये चढ़ चुकी है। आठ जनवरी को इसकी कीमत 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। चांदी लगातार दूसरे साल सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। अब तक इसने 22.4 फीसदी का लाभ दिया है।

छह सत्रों में चांदी की चाल

शुक्रवार₹6,500₹2,50,000
सोमवार₹15,000₹2,65,000
मंगलवार₹6,000₹2,71,000
बुधवार₹15,000₹2,86,000
गुरुवार₹3,000₹2,89,000
शुक्रवार₹3,600₹2,92,600
कुल बढ़ोतरी₹49,100

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी दोनों में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। मजबूत डॉलर और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से भू-राजनीतिक जोखिम कम हुए। इससे कीमतों में गिरावट आई।

हाजिर सोना 12.46 डॉलर या 0.27 फीसदी घटकर 4,603.51 डॉलर प्रति औंस पर रहा। मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘हाजिर सोना 0.25 फीसदी घटकर लगभग 4,606 डॉलर प्रति औंस पर रहा। ईरान पर अमेरिकी हमले के टल जाने से सोने की कीमतों पर दबाव रहा।’

हाज‍िर चांदी भी 2.26% चढ़ी
शुक्रवार को हाजिर चांदी 2.26 फीसदी यानी 2.08 डॉलर घटकर 90.33 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 93.57 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन, अमेरिकी प्रशासन की ओर से चांदी और अन्य आवश्यक धातुओं पर आयात शुल्क लगाने से बचने की घोषणा के बाद यह लगभग आठ फीसदी गिरकर 86.30 डॉलर प्रति औंस के दिन के निचले स्तर पर आ गई थी।

सराफा बाजार में यह हलचल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। सोने और चांदी की कीमतें कई फैक्‍टर्स पर निर्भर करती हैं। इनमें वैश्विक आर्थिक स्थिति, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती शामिल हैं। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाता है। इससे मांग कम हो सकती है। कीमतें गिरती हैं। इसी तरह जब तनाव कम होता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से पैसा निकालना शुरू कर सकते हैं। इससे उनकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।

औद्योगिक मांग भी चांदी की कीमत को प्रभावित करती है। चांदी का इस्‍तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और अन्य औद्योगिक उत्पादों में बड़े पैमाने पर होता है। जब इन उद्योगों में मांग बढ़ती है तो चांदी की डिमांड भी बढ़ती है। इससे उसकी कीमत बढ़ जाती है। स्टॉकिस्टों की खरीदारी का मतलब है कि व्यापारी भविष्य में कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।