सोयाबीन के भावों में आगे और तेजी की संभावना, जानिए कारण

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नई दिल्ली। देश के प्रमुख सोया मंडियों और रिफाइंड तेल बाजारों में जनवरी के मध्य तक कीमतों में लगातार सुधार देखने को मिला है। यह तेजी मुख्य रूप से कम फसल, सरकारी खरीद और बढ़ती आयात लागत के कारण आई है।

सोया मंडी भाव स्थिति
अमरावती, लातूर, देवास, राजकोट और कोटा जैसी प्रमुख मंडियों में सप्ताह-दर-सप्ताह ₹100 से ₹230 प्रति क्विटल तक की बढ़त दर्ज की गई है। जनवरी के भाव दिसंबर औसत से ₹350-600 तक ऊपर चल रहे हैं और नवंबर-अक्टूबर की तुलना में ₹800-1,100 प्रति क्विटल तक मजबूत हैं।

हालांकि तेजी के बावजूद अधिकतर मंडियों में भाव अब भी एमएसपी ₹5,328 से थोड़ा नीचे बने हुए हैं, जिससे आगे और सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।

सोया रिफाइंड तेल बाजार

  • सोया रिफाइंड तेल के भावों में भी मजबूत सुधार देखा गया है।
  • एमपी, महाराष्ट्र, कोटा, मुंबई और कांडला में रिफाइंड तेल के भाव सप्ताह में ₹40-80 प्रति 10 किलो बढ़े हैं।
  • जनवरी के भाव दिसंबर औसत से ₹40-75 और नवंबर के मुकाबले ₹40-95 तक ऊपर हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोया तेल की कीमतों में तेजी के कारण आयात लागत बढ़ गई है, जिससे घरेलू बाजार को भी सपोर्ट मिला है।

आयात और मांग स्थिति
नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान खाद्य तेल आयात लगभग 8.75 लाख टन रहा, जो पिछले साल की समान अवधि (8.8 लाख टन) के लगभग बराबर है। अंतरराष्ट्रीय कीमतें ऊंची होने से आयात पर दबाव बढ़ा हुआ है।

देश में सोयाबीन की फसल सीमित रहने के कारण प्लांट्स तेजी से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मांग बढ़ी है और बाजार में मजबूती बनी हुई है।

आगे का रुख
कम उत्पादन, सरकारी खरीद, बढ़ती आयात लागत और प्लांट्स की आक्रामक खरीद को देखते हुए सोयाबीन और सोया तेल दोनों में भावों को सपोर्ट बना रहने की संभावना है। चूंकि मौजूदा भाव अब भी एमएसपी से नीचे हैं, इसलिए आगे के समर में सोयाबीन कीमतों में और सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, निकट अवधि में सोया कॉम्प्लेक्स का रुख स्थिर से मजबूत बना रह सकता है।