नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के खरीफ सीजन में सोयाबीन का घरेलू उत्पादन उछलकर 152.68 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया था लेकिन 2025-26 के सीजन में यह घटकर 127.20 लाख टन पर अटक गया। इस तरह वार्षिक आयात पर सोयाबीन के उत्पादन में 25.48 लाख टन की जोरदार गिरावट आ गई।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक इससे पूर्व सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2023-24 के सीजन में 130.62 लाख टन, 2022-23 में 149.85 लाख टन तथा 2021-22 के सीजन में 129.87 लाख टन दर्ज किया गया था।
दिलचस्प तथ्य यह है कि इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने भी सोयाबीन के उत्पादन अनुमान में भारी कटौती कर दी है लेकिन उसका आंकड़ा सरकारी आंकड़े से काफी छोटा है।
पिछले साल के मुकाबले 2025 के खरीफ सीजन में सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में काफी कमी आ गई थी लेकिन उत्पादन में जबरदस्त गिरावट आने का प्रमुख कारण विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से फसल को गंभीर नुकसान होना माना जा रहा है।
तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में गत वर्ष मानसून सीजन के दौरान अत्यधिक बारिश होने तथा भयंकर बाढ़ का प्रकोप रहने से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ था और कहीं-कहीं इसकी क्वालिटी भी प्रभावित हुई थी।

