सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ दिया
नई दिल्ली। सोयाबीन उद्योग ने सोयाबीन के अपने उत्पादन अनुमान में संशोधन किया है। उद्योग ने दूसरे अनुमान में सोयाबीन का उत्पादन पहले लगाए गए अनुमान से बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है, जबकि 2024 और 2025 के ही पहले अनुमान में मध्य प्रदेश महाराष्ट्र पीछे छोड आगे निकल गया था।
सोयाबीन प्रोसेसिंग उद्योग सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने कहा, ‘हमने खरीफ 2025 के लिए सोयाबीन फसल के पहले अनुमान की समीक्षा करने के लिए मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान तीन प्रमुख सोयाबीन उगाने वाले राज्यों में एक विस्तृत फील्ड सर्वे किया।
यह सर्वे सोपा की टीमों द्वारा 6 दिनों में 3,467 किलोमीटर की दूरी कवर करते हुए किया गया, जिसमें किसानों, एफपीओ, सोयाबीन प्रोसेसरों, सरकारी और निजी मंडियों, व्यापारियों, ब्रोकरों और स्टॉक्सियों के साथ बातचीत शामिल थी।
सर्वेक्षण के आधार पर सोपा ने खरीफ 2025 की फसल का अनुमान 105.36 लाख टन से बढ़ाकर 110.258 लाख टन कर दिया है।’ हालांकि यह उत्पादन 2024 के 128.81 लाख टन से कम ही है।
खरीफ 2025 के दूसरे अनुमान के मुताबिक सबसे अधिक सोयाबीन का उत्पादन महाराष्ट्र में 52.22 लाख टन होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 43.24 लाख टन सोयाबीन उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है।
इसके साथ ही महाराष्ट्र ने मध्य प्रदेश को फिर से सोयाबीन उत्पादन में पीछे छोड़ दिया है, जबकि सोपा के पहले अनुमान में मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 48.64 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। इस अनुमान में महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 47.09 लाख टन था, जो मध्य प्रदेश से कम था।
खरीफ 2024 में मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादन में महाराष्ट्र से आगे रहा। सोपा के मुताबिक 2024 में मध्य प्रदेश में 52 लाख सोयाबीन का उत्पादन हुआ, जबकि महाराष्ट्र में इससे कम 45 लाख टन ही उत्पादन हुआ था।

