सोच ऊंची तो सफलता की उड़ान भी ऊंची ही होगी: एनवी सर

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कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली नई दिशा

कोटा। ‘सोच ऊंची होगी तो सफलता की उड़ान भी ऊंची होगी।’ यह संदेश दिया मोशन एजुकेशन के फाउंडर और शिक्षाविद् नितिन विजय ने छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम में।

दस हजार से अधिक विद्यार्थियों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य आयोजन की पहल राज्य की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की।

फिजिक्स गुरु के नाम से लोकप्रिय एनवी सर ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास निर्माण पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सफलता दो बार मिलती है-पहले मन में और फिर वास्तविक जीवन में।

इसलिए लक्ष्य तय करने से पहले अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व को समझना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अंक नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, सही दिशा और निरंतर अभ्यास ही बड़ी उपलब्धियों का आधार बनते हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि चुनौतियां ही व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित दिनचर्या और मूल्य आधारित शिक्षा से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर करियर चुनें और ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाएं।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, एसडीएम चांदनी कंवर सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। समापन पर विद्यार्थियों ने माता-पिता के सम्मान, नशामुक्त भारत और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लिया।

मन में सदा के लिए अंकित हो गए वे पल

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि यह आयोजन केवल करियर गाइडेंस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों को उनकी आंतरिक शक्ति और आत्मसम्मान से परिचित कराने का माध्यम बना। हजारों विद्यार्थियों द्वारा तिरंगा लहराते हुए राष्ट्रगीत गाने का दृश्य भावुक कर देने वाला था। वहीं नितिन विजय ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय दिन बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों का विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।