सुवि नेत्र चिकित्सालय में राजस्थान का प्रथम ‘टेक्निस ओडिसी’ लेंस का सफल प्रत्यारोपण

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कोटा। Tecnis Odyssey lens implant: शहर के सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं रिसर्च सेंटर में मोतियाबिंद सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है।

वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में अत्याधुनिक ‘टेक्निस ओडिसी’ लेंस का राजस्थान में पहली बार सफल प्रत्यारोपण किया गया। यह सर्जरी मरीज कोटा निवासी कैलाश चंद जैन की बायीं आंख में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

ऑपरेशन के बाद मरीज ने अपनी दृष्टि में उल्लेखनीय सुधार, स्पष्टता और बेहतर विजन अनुभव होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। चिकित्सकों के अनुसार यह अत्याधुनिक लेंस नई ‘फुल विजुअल रेंज’ तकनीक पर आधारित है, जो मरीजों को दूर, पास और मध्यम दूरी -जैसे कंप्यूटर पर काम करना या वाहन का डैशबोर्ड देखना, तीनों में उत्कृष्ट दृष्टि प्रदान करता है।

नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय ने बताया कि यह लेंस पारंपरिक मल्टीफोकल लेंसों की तुलना में कम रोशनी में बेहतर कंट्रास्ट देता है तथा ग्लेयर और हेलोज जैसी समस्याओं को न्यूनतम करता है। इससे मरीजों को बिना चश्मे के अधिक प्राकृतिक और आरामदायक दृष्टि मिलती है।

इस सर्जरी में डॉ. विदुषी शर्मा, डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता और डॉ. निपुण बागरेचा सहित विशेषज्ञ टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मरीज कैलाश चंद जैन ने सफल सर्जरी और उत्कृष्ट परिणामों के लिए पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुवि नेत्र चिकित्सालय की टीम ने इसे कोटा के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब शहर के मरीजों को विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सुविधाएं अपने ही शहर में उपलब्ध हो रही हैं। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा तकनीक में प्रगति का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र के मरीजों के लिए बेहतर और आधुनिक उपचार का नया विकल्प भी प्रस्तुत करती है।

क्या है ‘टेक्निस ओडिसी’ लेंस

यह मोतियाबिंद सर्जरी के लिए डिज़ाइन किया गया एडवांस्ड इंट्राओकुलर लेंस है। यह दूर से पास तक पूरी विज़ुअल रेंज देता है, जिससे चश्मे पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। इसमें एक प्रोप्राइटरी वायलेट लाइट-फ़िल्टरिंग क्रोमोफ़ोर, एक बाईकॉन्वेक्स डिज़ाइन और विज़ुअल क्लैरिटी बढ़ाने और विज़ुअल डिस्टर्बेंस को कम करने के लिए एडवांस्ड ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी हैं।