नई दिल्ली। देश-दुनिया में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव को देखते हुए भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) ने ट्रेनिंग ले रहे सीए छात्रों को अपनी अटेंडेंस और किए गए कामों व वर्किंग ऑवर्स की डिटेल्स दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। छात्रों को इसे ई-डायरी में दर्ज करना होगा। यह भी बताना होगा कि उस माह की कितनी स्टाइपेंड मिली है। स्टाइपेंड ट्रेकिंग होगी।
नए वर्ष यानी 1 जनवरी 2026 से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (आर्टिकलशिप) शुरू करने वाले सभी सीए छात्रों के लिए यह अनिवार्य है। सीए छात्र किसी अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट के अधीन ट्रेनिंग लेते हैं। इसमें छात्र ऑडिट, टैक्सेशन (आयकर, जीएसटी), अकाउंटिंग, कंपनी कानून, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कंसल्टेंसी जैसे कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होते हैं।
इसे आर्टिकल्ड ट्रेनिंग कहा जाता है। ई-डायरी (डिजिटल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग डायरी) आर्टिकल्ड ट्रेनीज को अपनी रोजाना की अटेंडेंस और किए गए कामों को एक स्ट्रक्चर्ड डिजिटल फॉर्मेट में रिकॉर्ड करने की सुविधा देती है।
आईसीएआई संस्थान का कहना है कि ई-डायरी के जरिए तकनीक का उपयोग करते हुए ट्रेनिंग में एकरूपता, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल आईसीएआई के बोर्ड ऑफ स्टडीज और स्टूडेंट सर्विसेज निदेशालय द्वारा की गई है, ताकि छात्रों की स्किल मैपिंग हो सके।
नए सिस्टम के तहत ट्रेनीज को हर 15 दिन में में किए गए कामों की डिटेल्स सबमिट करनी होंगी। यह प्लेटफॉर्म सबमिशन की पूरी जानकारी चेक करता है और अधूरी एंट्रीज को फ्लैग करता है। सबमिट होने के बाद प्रिंसिपल एंट्रीज को रिव्यू करते हैं और रिकॉर्ड किए गए कामों से जुड़े बदलावों का सुझाव दे सकते हैं।
ट्रेनीज को सुझाए गए बदलावों को शामिल करना होगा और सात दिनों के अंदर एंट्रीज को फिर से सबमिट करना होगा। इसके बाद प्रिंसिपल के पास सबमिशन को अप्रूव करने के लिए और सात दिन होते हैं। बयान के अनुसार अगर इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सिस्टम एंट्री को अप्रूव मान लेता है।
एक्सेस और सिस्टम इंटीग्रेशन
छात्र अपने सेल्फ-सर्विस पोर्टल (SSP) लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके ई-डायरी एक्सेस कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म ट्रेनीज को पिछली एंट्रीज देखने, सबमिशन से पहले रिकॉर्ड एडिट या डिलीट करने और हर सबमिशन के अप्रूवल स्टेटस को ट्रैक करने की सुविधा देता है।
CA प्रिंसिपल्स के लिए फायदे
ICAI के अनुसार यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आर्टिकल्ड ट्रेनीज की देखरेख करने वाले CA प्रिंसिपल्स को भी फायदे देता है। प्रिंसिपल्स को अटेंडेंस रिकॉर्ड, ट्रेनी प्रोफाइल और असाइन किए गए और किए गए कामों की रियल-टाइम जानकारी मिलती है।

