कोटा। CFCL Gas Leak: चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) की गड़ेपान प्लांट से आज सुबह अमोनिया गैस का रिसाव होने से सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के कई बच्चे प्रभावित हो गए। जहरीली गैस के संपर्क में आने से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हुई, उल्टियां होने लगीं और कई छात्र बेहोश होकर स्कूल के ग्राउंड में गिर पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बेहोश हुए बच्चों को सीएफसीएल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एक बच्ची को गंभीर हालत में कोटा के अस्पताल रैफर कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फैक्ट्री के पास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घटना के समय बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। अमोनिया गैस के संपर्क में आने के बाद बच्चों को घुटन और सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगी। स्कूल स्टाफ ने तुरंत बच्चों को संभाला और उनके परिजनों को सूचना दी।
डीएसपी राजेश ढाका ने बताया कि स्कूल की कुछ छात्राएं पानी भरने के लिए स्कूल परिसर से बाहर गई थीं, जहां गैस रिसाव की चपेट में आने से उन्हें घुटन महसूस हुई। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोटा जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फैक्ट्री प्रबंधन को जब गैस रिसाव से बच्चों के प्रभावित होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल गैस रिलीज को कम किया।
अमोनिया गैस रिसाव की इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। वे इस मामले की विस्तृत जांच और फैक्ट्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई होगी।
फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी, सुरक्षा पर उठे सवाल
गौरतलब है कि CFCL प्लांट का गेट स्कूल से 500 मीटर दूर है, लेकिन फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी हुई है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के आदेश, लेकिन क्या मिलेंगे ठोस नतीजे?
घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी सिर्फ जांच के आदेश देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे

