सीएफसीएल अमोनिया गैस रिसाव मामले में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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कोटा। सिमलिया थाना इलाके के गड़ेपन फैक्टरी के नजदीक अमोनिया गैस के रिसाव के बाद अब लापरवाही बरतने वालों पर एक्शन शुरू हो गया है। मामले में फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ अमोनिया गैस का रिसाव का आरोप लगा है। साथ ही जनजीवन को खतरे में डालने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है।

यह मुकदमा पांचड़ा की झोपड़ियां निवासी खेमचंद ने दर्ज करवाया है। खेमचंद अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसकी मां भूली भाई फैक्टरी के नजदीक से गुजर रही थी। इसी दौरान उसकी अचानक तबियत बिगड़ गई। अमोनिया गैस के रिसाव का आरोप लगाते हुए फैक्टरी के अजय टाइल, विकास माथुर, यूके माथुर सहित 6 लोगों के खिलाफ नाम दर्ज मुकदमा दर्ज करवाया है।

वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि अमोनिया गैस रिसाव से 16 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। लेकिन अब सभी की हालत पहले से ठीक है। इनमें 9 बच्चे कोटा अस्पताल में भर्ती हैं। गैस के प्रभाव में आने वाले व्यक्तियों को 48 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा जाता है।

शिक्षा विभाग पूरी तरह से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों के साथ है और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाई भी जा रही है। दिलावर ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी समेत तमाम अधिकारी बच्चों को संभाल रहे हैं। मामले में पूरी जांच भी करवाई जा रही है जो भी दोषी होगा उसको बक्शा नहीं जाएगा।

बता दें कि शनिवार को गढ़ेपान सीएफसीएल फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। जिससे पास ही में स्कूल में मौजूद 16 बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी और उनके दाम भी घटने लगा था। जिन्हें तत्काल अलग-अलग वाहनों से अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया।

अमोनिया गैस रिलीज करने के दौरान यह पूरा घटनाक्रम सामने आया था। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने भी जेके लोन अस्पताल पहुंचकर बच्चों के परिजनों से जानकारी ली। साथ ही चिकित्सकों को भी बेहतर उपचार बच्चों को देने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले में एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने एक बयान जारी कर बताया कि अगर केंद्र सरकार या राजस्थान सरकार की टीम निष्पक्ष जांच करे तो सीएफसीएल की एक कहानी खुलकर सामने आएगी। कोटा चम्बल फर्टिलाइज़र्स गढ़ेपान के विरुद्ध आज तक किन किन सियासी लोगों ने आवाज़ नहीं उठाई है, इनके गेस्ट हाउस में सैर- सपाटे किन-किन के कहने से लगातार मेहमाननवाज़ी हुई है।

इस फैक्ट्री के प्रबंधन ने समाज कल्याण और विकास के नाम पर चैरिटी फंड से किस- किस नेता और प्रभावशाली लोगों के कहने से सड़क निर्माण, शाला सहयोग, श्मशान विकास सहित चैरिटी कार्य किये हैं। गत तीस वर्षों का लेखा -जोखा अगर निकल जाए, तो पता चल जाएगा गड़बड़ कहां है ?