कोटा। राजकीय उच्च माध्यमिक प्राथमिक विद्यालय रंगबाड़ी के विद्यार्थियों को कोटा-बूंदी जिला दुग्ध सहकारी संघ (सरस डेयरी) का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने बताया कि इस दौरान छात्रों को सरस डेयरी में दूध की गुणवत्ता, उसकी जांच प्रक्रिया और विभिन्न दुग्ध उत्पादों के निर्माण की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि सरस का दूध खुले दूध की तुलना में अधिक सुरक्षित और पौष्टिक होता है।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ और प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा, सत्यनाराण शर्मा, संघ अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि दूध में मौजूद फैट और अन्य तत्वों की जांच कैसे की जाती है और गुणवत्ता के आधार पर दूध को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत कर पैकेट में एकत्र किया जाता है।
सरस डेयरी के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दूध के प्रसंस्करण की पूरी प्रक्रिया समझाई। एमडी दिलखुश मीणा ने दूध संग्रहण, गुणवत्ता जांच, पाश्चराइजेशन, होमोजेनाइजेशन, पैकेजिंग, दूध से विभिन्न उत्पाद जैसे दही, मक्खन, घी, पनीर, छाछ और आइसक्रीम आदि के बारे में विस्तार से बताया।

