कलेक्टर समारिया ने सरस डेयरी का निरीक्षण कर उत्पादों की गुणवत्ता देखी
कोटा। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बुधवार को कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (कोटा सरस डेयरी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डेयरी परिसर की स्वच्छता, दुग्ध प्रसंस्करण प्रणाली और उत्पादों की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की तथा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के समय कोटा सरस डेयरी के चेयरमैन चैन सिंह राठौड़ एवं डेयरी प्रबंधक दिलखुश मीणा उपस्थित रहे। चेयरमैन राठौड़ ने जिला कलेक्टर का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा उन्हें डेयरी प्लांट का भ्रमण कराया। इस दौरान दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही घी, छाछ, लस्सी सहित अन्य सरस उत्पादों की गुणवत्ता व मानकों से अवगत कराया गया।
चेयरमैन राठौड़ ने बताया कि नकली एवं मिलावटी घी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरस डेयरी द्वारा 200 एमएल घी पैक पर क्यूआर कोड आधारित उत्पाद लॉन्च किया गया है, जिससे उपभोक्ता उत्पाद की शुद्धता एवं प्रामाणिकता की तुरंत पुष्टि कर सकें। राठौड़ ने कहा कि सरस डेयरी उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस पर जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने 200 एमएल से कम क्षमता वाले घी पैक पर भी क्यूआर कोड लगाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन राठौड़ ने जनता की सुविधाओ में वृद्धि करते हुए नए बूथो की एनओसी कार्य को जल्द पूरा करने का आग्रह किया, जिससे शहर में सरस दूध की उपलबधता बढ़े।
उन्होंने डेयरी बूथ संचालकों की समस्याओं की ओर भी जिला कलेक्टर का ध्यान आकर्षित करते हुए दूध के साथ-साथ नाश्ते से जुड़ी वस्तुओं के विक्रय की अनुमति भी देने की मांग की। कलेक्टर ने इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

