सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को देना होगा 40 गुना जुर्माना

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लोकसभा में जन विश्वास विधेयक पेश

नई दिल्ली। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। केंद्र सरकार ने सरकारी परिसरों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कहा गया है कि पहले महीने में संबंधित संपत्ति के लाइसेंस शुल्क का 40 गुना जुर्माना देना होगा, जो इसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता जाएगा।

केंद्र सरकार का यह प्रावधान जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक गैर-आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करते पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या भूमि के मूल्य का हर वर्ष के हिसाब से पांच प्रतिशत तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।

यह कदम सरकारी परिसरों और भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता प्रशस्त करेगा। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य सरकारी जमीन और भवनों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को काफी मजबूत करना है, जिसमें आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

विधेयक में कहा गया है कि ऐसे अपराधियों को दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट को कानून के तहत अन्य कार्रवाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना त्वरित बेदखली का आदेश देने का भी अधिकार होगा।

79 केंद्रीय कानूनों में बदलाव
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत 23 मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाले 79 केंद्रीय कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है। कुल 784 प्रावधानों में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें से 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर व्यवसाय सुगमता बढ़ाने के लिए संशोधित किया जाएगा। वहीं 67 प्रावधानों में आम लोगों की जीवन को सुगम बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित हैं।

मोटर वाहन अधिनियम में भी संशोधन का प्रस्ताव
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के तहत 20 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य अधिनियम के कुछ नियमों में राहत देना और कानूनी अस्पष्टताओं को दूर करना है।

विधेयक के प्रस्ताव के अनुसार, अब वाहन का पंजीकरण पूरे राज्य में किया जा सकेगा, किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अलावा, यदि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जाता है, तो लाइसेंस नवीनीकरण की तारीख से प्रभावी होगा, न कि समाप्ति की तारीख से।

लाइसेंस एक्सपायर होने के 30 दिन तक छूट
प्रवक्ता के अनुसार, विधेयक में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि दी जाएगी, इस दौरान लाइसेंस वैध बना रहेगा। इसके अलावा, विधेयक में वाहन पंजीकरण रद्द करने की सूचना देने की समय सीमा को 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव है।